
Meerut Weather Update : खतरनाक स्तर पर AQI, चिकित्सकों ने दी लोगों को ये जरूरी सलाह
Meerut Weather Update सितंबर की गर्मी जहां लोगों को परेशान कर रही है। वहीं अब वायु गुणवत्ता की सेहत भी खराब होने लगी है। मेरठ की वायु गुणवत्ता यानी एक्यूआई इस समय 100 के ऊपर है। कुछ ऐसा ही हाल एनसीआर के जिलोकं नोएडा, गाजियाबाद का भी है। जहां एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच रही है। इससे स्वास्थ्य प्रभावों को संवेदनशील लोगों द्वारा तुरंत महसूस किया जा रहा है। स्वस्थ लोगों को इस खराब वायु गुणवत्ता के दायरे में लंबे समय तक रहने से सांस लेने में कठिनाई और गले में खराबी हो सकती है। वहीं चिकित्सकों ने बुजुर्ग और बच्चों के अलावा सांस के रोगियों को बाहरी गतिविधि को सीमित करने की सलाह दी है।
पर्यावरणविद नवीन प्रधान ने बताया कि वायु की गुणवत्ता खराब होने पर पीएम 10 हानिकारक स्तर पर पहुंच जाता है। 10 से कम माइक्रोमीटर व्यास वाला पीएम 10 साँस में लेने योग्य प्रदूषक कण हैं। लेकिन जब यही कण जो पीएम 2ः5 माइक्रोमीटर से बड़े होते हैं तो वह सांस की नली में जमा हो सकता है। जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। ऐसी स्थिति में आंख और गले में जलन, खांसी या सांस लेने में कठिनाई और तेज अस्थमा हो सकता है। अधिक लगातार और अत्यधिक सामना करने के परिणामस्वरूप अधिक गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं।
पीएम 2ः5 महीन कणिकीय सामग्री 2ः5 माइक्रोमेटर्स से कम व्यास वाले इनहेलेबल प्रदूषक कण होते हैं जो फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश करके गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। इसका सबसे गंभीर प्रभाव फेफड़े और हृदय पर पड़ता हैं। ऐसी स्थिति का सामना करने से खाँसी या सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसी के साथ अस्थमा वाले मरीजों का अस्थमा बढ़ सकता है और पुरानी सांस की बीमारी हो सकती है। ओ 3 का स्तर खराब होने पर यह भू.स्तरीय ओजोन मौजूदा श्वसन रोगों को बढ़ा सकता है और गले में जलन के अलावा सिरदर्द और सीने में दर्द का कारण बन सकता है।
सल्फर डाइऑक्साइड के संपर्क में आने से गले और आंखों में जलन और अस्थमा के साथ ही क्रोनिक ब्रोंकाइटिस हो सकता है। कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है और जब उच्च स्तर पर साँस में ली जाती है तो इसके प्रभाव से सिरदर्द मतली, चक्कर आना और उल्टी हो सकती है। बार बार लंबे समय तक संपर्क में रहने से दिल की बीमारी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस समय बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में धूल के कण छाए हुए हैं वहीं प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में बारिश नहीं होने पर और अधिक घातक हो सकता है।
Updated on:
07 Sept 2022 08:41 am
Published on:
07 Sept 2022 08:39 am

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
