
IPS अफसर और आरक्षक के बीच हुई विवादित बातचीत का ऑडियो वायरल होने से मची खलबली
मेरठ ( meerut news ) एक तरफ जहां प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को पटरी पर लाने की कवायद में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर वायरल हुआ एक ऑडियो (audio viral ) बाेर्ड कर्मचारियाें के भ्रष्टाचार में डूबे हाेने की वकालत कर रहा है। मेरठ बोर्ड के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार से जुड़े कारनामें प्रतिदिन उजागर होते रहते हैं।
अब यूपी बोर्ड के एक कर्मचारी का आडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में व्यक्ति खुद को बोर्ड का कर्मचारी बताकर फेल छात्रों को महज 6 हजार रूपये में 70 प्रतिशत नंबर की मार्कशीट दिलवाने का दावा कर रहा है। 70 प्रतिशत नंबर दिलवाने का दावा करने वाला व्यक्ति खुद को इलाहाबाद के बोर्ड कार्यालय में बता रहा है। यह आडियो मेरठ के कई स्कूली अध्यापकों के पास से वायरल होता हुआ सोशल मीडिया तक पहुंच गया।
ऑडियो में आकाश चौधरी नाम का एक व्यक्ति कह रहा है कि वह बोर्ड कर्मचारी है और फेल छात्र को 70 प्रतिशत अंक दिलवाकर पास करा सकता है। इसके लिए केवल छह हजार रूपये खर्च करने होंगे। इतना ही नहीं कर्मचारी यह भी कहता है कि अगर 70 प्रतिशत से अधिक अंक चाहिए तो उसके लिए 7 हजार रूपये खर्च करने होंगे। आडियो में उस व्यक्ति ने बताया है कि फेल छात्रों का डेटा लेकर वह उन्हें फोन करते हैं।
यह सवाल पूछे जाने पर कि यह मार्कशीट तो फर्जी होग ? कर्मचारी आकाश कहता है कि जब मार्कशीट बोर्ड जारी कर रहा है तो फर्जी कैसे होगी। तथाकथित बोर्ड कर्मचारी आकाश ऑडियो में अपने साथ इस काम में विकास नाम के एक अन्य कर्मचारी का भी जिक्र करता है। मार्कशीट के लिए उसने बताया कि आधा पैसा पहले और मार्कशीट वाट्सएप पर आने के बाद बाकी का पैसा लिया जाता है।
अपर सचिव के आदेश क्षेत्रीय सचिव ने रखे ताक पर
क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा कार्यालय मेरठ के क्षेत्रीय सचिव ने अपर सचिव के आदेश ताक पर रख दिए हैं। बता दे कि क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। इसमें अपर सचिव की ओर से 27 जुलाई तक आख्या मांगी गई थी लेकिन क्षेत्रीय सचिव ने शिकायत के संदर्भ में कोई आख्या नहीं भेजी है। इस संबंध में अब अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा ने तीन दिन के भीतर शिकायत के संदर्भ में आख्या भेजने को कहा है।
इस बारे में क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्त्राशु सुमन का कहना है कि बोर्ड कर्मचारी की आडियो के बारे में उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। जहां तक आख्या भेजने की बात है तो वह जल्द ही भेज दी जाएगी।
Updated on:
17 Aug 2020 10:21 pm
Published on:
17 Aug 2020 07:56 pm
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