UPTET Paper Leak : यूपीटीईटी पेपर लीक मामले में मेरठ एसटीएफ के हाथ अब अहम सुराग लग रहे हैं। फरार शातिर के गौरव को अलीगढ़ से गिरफ्तार करने के बाद साजिश में शामिल बड़ी मछलियों पर भी शिकंजा कस दिया है। जिसमें खुलासा हुआ कि पेपर प्रिंटिग प्रेस में छपाई के बाद एक हाईप्रोफाइल बैठक (high profile meeting) एनसीआर के एक लग्जरी होटल के कमरे में हुई। जहां पर पेपर आउट की साजिश रची गई।
मेरठ . UPTET Paper Leak : टीईटी प्रकरण में एसटीएफ ने शामली, बागपत, मथुरा, अलीगढ़ व कासगंज में दबिश के बाद अलीगढ़ से गौरव को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गौरव ने अलीगढ़ के ही निर्दोष चौधरी का नाम बताया, जो कि कासगंज में शिक्षक है। एसटीएफ (STF) की जांच में सामने आया कि निर्दोष ने ही शामली, बागपत में पेपर बेचा था।
प्रिंटिग प्रेस में नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
अब यूपीटीईटी (UPTET Paper Leak) पेपर लीक प्रकरण में गुत्थी एसटीएफ सुलझाने में जुट गई है। एक ओर जहां आरोपियों की धरपकड़ में तेजी आई है। वहीं दूसरी ओर चल रही जांच में यह सामने आया है कि यूपीटीईटी पेपर लीक मामले में एक साजिश के तहत आरएसएम फिनसर्व (RSM Finserve) नामक कंपनी को पेपर प्रिंट कराने का ठेका दिया गया था। जिसके पास पेपर छापने को लेकर उसकी सुरक्षा का किसी प्रकार का कोई इंतजाम नहीं था। पेपर आउट की साजिश करने वालों को इस बात का पता था। पेपर लीक कराने वाले सिंडिकेट से जुड़े लोग ऐसी इन प्रेसों के इर्द—गिर्द लग गए। पेपर इन प्रेसों में छपा और यहीं से पेपर बेचने वालों के हाथ लग गया।
परीक्षा से कई घंटे आउट हुआ पेपर रातों रात पहुंचा हजारों के हाथ
यूपी के प्रमुख गैंग्स ने हाथ मिलाया और परीक्षा से कई घंटे पहले ही ये पेपर यूपी के कई शहरों में हज़ारों लोगों के पास पहुंच गया। सूत्र की माने तो पेपर छापने का ठेका मिलने से पहले ही परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय और कंपनी आरएसएम फिनसर्व के डायरेक्टर राय अनूप प्रसाद की एक मीटिंग नोएडा के एक नामी होटल में हुई थी। इसी मीटिंग में पेपर आउट कराने की पूरी साज़िश रची गई। सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसियों (investigative agencies) के पास आ गया है।
28 नवंबर को होनी थी दो पारियों में परीक्षा
बता दे गत 28 नवम्बर को दो पारियों में यूपी टीईटी परीक्षा होनी थी लेकिन पेपर लीक की खबर के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया। परीक्षा में 21 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे।
बोले अधिकारी
सीओ एसटीएफ ब्रिजेश सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक होने की पुष्टि हो रही है। इस पूरे मामले में पेपर छापने का टेंडर हासिल करने वाली कंपनी के डायरेक्टर राय अनूप प्रसाद और इस परीक्षा को आयोजित कराने वाले परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय समेत अब तक 34 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।