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मेरठ ( meerut news ) गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने चीनी मिलों से संबंधित थानों में ( किसान आंदोलन ) धरना दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने इस दौरान थाने के बाहर घेराव कार्यक्रम भी चलाया।मेरठ में भी मवाना शुगर मिल पर किसानों का करोडों रूपया बकाया है।
मवाना में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मवाना थाने पर दरी बिछाकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू के साथ किसान भी धरनास्थल पर शामिल हुए। भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने कहा कि, बार-बार सरकार गन्ना बकाया मूल्य भुगतान के लिए आदेश कर रही है। इसके बावजूद भी उनके बकाया रूपयों का भुगतान नहीं हो रहा है। अब इस मामले में आरपार की लड़ाई होगी। अब पुलिस या तो चीनी मिल मालिकों को गिरफ्तार करे या किसानों का गन्ना भुगतान करे।अब इस मामले में किसान चुप नहीं बैठेंगे। किसानाें ने कहा कि जब बिजली का बिल मांगा जा सकता है तो चीनी मिलों को भी भुगतान करना होगा।
दरअसल मेरठ मंडल की अधिकांश चीनी मिलों ने अभी तक किसानों का शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। सरकार मिलों पर लगातार भुगतान करने का दबाव डाल रही हैं लेकिन इसके बावजूद भी मिले भुगतान को तैयार नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन सरकार और मिलों को कई बार किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए अल्टीमेटम तक दे चुकी है। इसके बावजूद भी चीनी मिलों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अब भाकियू ने मिलों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में आज भाकियू ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिलों में अपनी-अपनी मिलों से संबंधित थानों पर धरना दिया। इस दौरान भाकियू के साथ किसान भी साथ रहे।
भाकियू नेताओं और किसानों ने अब मिलों और सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मंडल के सभी जिलों में भाकियू पदाधिकारियेां ने संबंधित थानों में धरना देकर कहा कि यह तो मात्र एक चेतावनी है। अगर इस पर सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया तो भाकियू बड़े आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगा।
Updated on:
17 Aug 2020 10:14 pm
Published on:
17 Aug 2020 09:40 pm
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