
भाजपा सांसद ने शहीद इंस्पेक्टर की कार्यशैली पर उठाए सवाल, बोले- उनके खिलाफ कुछ तथ्य एेसे जिनकी जांच जरूरी
मेरठ। बुलंदशहर में हुए बवाल के दौरान आक्रोशित भीड़ का शिकार हुए शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की कार्यशैली पर पहले बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह ने मुख्य आराेपी बजरंग दल के कार्यकर्ता योगेशराज सिंह के समर्थन में बयान दिया था तो अब मेरठ-हापुड़ क्षेत्र के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जांच टीम को शहीद इंस्पेक्टर के पुराने रिकार्ड को भी जांच के दायरे में लाना चाहिए। भीड़ उस दिन इसलिए भी उग्र हुर्इ थी, क्योंकि इस क्षेत्र में पुलिस गोतस्करी आैर गोवध रोकने में विफल रही थी।
थानेदार ही भीड़ का लक्ष्य बना
भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में हुर्इ हिंसा बहुत ही दुखदायी है, लेकिन इस घटना के दौरान उग्र भीड़ का निशाना ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह बने, क्योंकि स्याना थाना पुलिस पूर्व में गोवध आैर गोतस्करी की जांच में पूरी तरह असफल रही थी। इसलिए इस मामले की जांच कर रही टीम को ये तथ्य भी अपनी जांच में शामिल करने चाहिए कि पूर्व में गोतस्करी आैर गोवध को लेकर दर्ज करार्इ गर्इ एफआर्इआर में जांच करने में क्यों असफल रही आैर एसएचआे क्यों कार्रवार्इ नहीं कर सके।
गोवध माना है गंभीर अपराध
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवध को गंभीर अपराध की घोषणा की है। हाल ही में उन्होंने जनपद में इसकी रोकथाम की जिम्मेदारी जिलाधिकारी को सौंपी है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि जब मुख्यमंत्री इसे गंभीर अपराध मान चुके हैं तो पुलिस को भी अपने-अपने क्षेत्र में इस पर गंभीरता से कार्य करना चाहिए आैर थाना स्तर पर पुलिस को हर पहलुआें पर नजर रखनी होगी। उन्होंने साफ तौर पर मेरठ के किठौर आैर भावनपुर के थानाध्यक्षों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि इनके संरक्षण में गोतस्करी हो रही है। इस मामले में कर्इ बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन पुलिस अफसरों ने थानेदारों के खिलाफ इन शिकायतों पर कोर्इ कदम नहीं उठाया। जब इस संबंध में 'पत्रिका' ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से बातचीत करने की काफी कोशिश की तो उनका फोन स्विच आफ मिला।
Published on:
10 Dec 2018 05:44 pm
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