सरकार कोर्इ भी रही हो, मीट प्लांट पर बंद करने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखार्इ
मेरठ। मेरठ से बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। सुर्खियों में रहने की वजह उनका मीट प्लांट है, जो कि बिना मानकों के अवैध रूप से पिछले नौ साल से निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है। सरकार कोई भी रही हो, लेकिन इस मीट प्लान्ट को बंद करने की हिम्मत न तो किसी अधिकारी में हुई और न किसी सरकार में। अब भाजपा की सरकार में फिर से अवैध मीट प्लांट पर विवाद शुरू हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सच संस्था के डा. संदीप पहल ने पूरे प्रशासनिक तंत्र के साथ ही भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ में एमडीए से लेकर प्रशासन और पुलिस तक की इसमें मिलीभगत हैं। हापुड़ रोड स्थित बसपा के पूर्व मंत्री हाजी याकूब की अल फहीम मीटेक्स कंपनी को लेकर अधिवक्ता डा. संदीप पहल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में संदीप पहल ने इस मामले में एमडीए अधिकारियों से लेकर नगर निगम और मेरठ प्रशासन के अधिकारियों के अलावा भाजपा के भी पदाधिकारियों को आरोपों के कटघरे में खड़ा किया।
संदीप पहल ने बताया कि मेरठ मंडल के कमिश्नर ने 25 अक्टूबर 2017 को अल फहीम मीटेक्स कंपनी के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया की एमडीए के अधिकारियों ने पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी से मोटी रकम वसूल कर मानचित्र स्वीकृत किए बिना ही उनके मीट प्लांट को एनओसी और लाइसेंस जारी कर दिया। उनका आरोप है की हाजी याकूब का मीट प्लांट सरकारी जमीन पर कब्जा करके बना है। प्लांट में ऐसी कई खामियां हैं जिन्हें किसी भी सूरत में पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने उक्त मीट प्लांट को तत्काल सील किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मीट प्लांट सील न हुआ तो वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।