
मेरठ। आधुनिकता की इस दौड़ में आये दिन नये-नये अविष्कार हो रहे है। जीमेल से ऑरकुट और फेसबुक से लेकर ट्विटर ने इंटरनेट की दुनिया में एक अलग ही क्रांति लाई। छोटे मोबाइल से बड़े मोबाइल का दौर भी बदला तो फोन से मैसेज करने का अंदाज भी। और फिर जब व्हाट्स एप ने लोगों की मोबाइल पर कब्जा किया तो लगा कि पूरी दुनिया सिर्फ मोबाइल में ही सिमट कर रह गई। व्हाट्स एप से संचार का जरिया बहुत आसान जरूर हुआ । लेकिन इसका दुरप्रयोग भी इतना बढ़ कि अखबारों की हेर्डिंग में भी व्हाट्स ने अपनी जगह बना ली। आलम ये है कि अब व्हाट्स एप पर अश्लील सामग्री भेजने के कई मामले सामने चुके है। इसी कड़ी में मेरठ में भी एक प्रतिष्ठित व्हाट्सएप ग्रुप में महिलाओं की अश्लील फोटोज की पोस्ट डालना एक चर्चा का विषय बन गया। बात खुली तो सीईईओ कैंट राजीव श्रीवास्तव को व्हाट्स एप पर इतनी बड़ी गलती करना भारी पड़ गया। बता दें कि इस मामलें में अधिवक्ता आईजी से मिले और आरोपी सीईईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्या था मामला ?
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार शर्मा के साथ दर्जनों वकील आईजी कार्यालय पहुंचे। रामकुमार शर्मा ने आईजी रामकुमार को जानकारी देते हुए बताया कि महानगर के कुछ सांभ्रात लोगों ने एक ग्रुप बनाया हुआ है जिसमें सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है। इस ग्रुप में 114 सदस्यों में से एक वह भी हैं। आरोप है कि बीती 20 दिसंबर को ग्रुप के सदस्य कैंट बोर्ड के सीईईओ राजीव श्रीवास्तव ने ग्रुप में महिलाओं के अश्लील फोटोज की पीडीएफ फाइल पोस्ट की। जिसके बाद रामकुमार व अन्य सदस्यों के आपत्ति दर्ज कराने पर ग्रुप एडमिन ने सीईईओ कैंट को ग्रुप से रिमूव कर दिया। रामकुमार शर्मा ने कहा कि कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष एक महिला हैं और वहीं चार महिला सभासद भी कैंट बोर्ड कार्यकारिणी में शामिल हैं। इसके बावजूद सीईईओ महिलाओं को किस दृष्टिकोण से देखते हैं, यह बात साबित हो गई है।
सीईईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बता दें कि शिकायतकर्ताओं ने सीईईओ कैंट की हरकत को महिलाओं के प्रति उनकी दूषित मानसिकता का परिचायक बताते हुए सीईईओ के खिलाफ मुदकमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। आईजी रामकुमार ने इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए। इस मामले में जब कैंट बोर्ड के सीईओ से बात की गई तो उनका कहना था कि पोस्ट मेरे मोबाइल से कैसे चली गई इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। वहीं इस बारे में जब आईजी रामकुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि इस बारे में साइबर सेल से जांच करवाकर वे जरूरी कार्रवाई करने के लिए थाना पुलिस को निर्देश देंगे।
Published on:
23 Dec 2017 01:28 pm

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