
सीआे समेत पांच पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के हुए आदेश, इन पर लगे थे ये गंभीर आरोप
मेरठ। तत्कालीन सीआे बाॅर्डर साहिबाबाद समेत चार पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने आैर एक व्यक्ति से मारपीट करने व दो दिन तक गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखने के आरोप में एडीजे विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मनजीत सिंह श्यौराण ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। राजेंद्र नगर साहिबाबाद निवासी मीनाक्षी शर्मा ने एडीजे विशेष न्यायाधीश की अदालत में शिकायती पत्र दाखिल किया था। इसके आधार पर अदालत ने सुनवार्इ करते हुए मुकदमा दर्ज करने का फैसला सुनाया गया। तत्कालीन सीआे बाॅर्डर साहिबाबाद आशीष श्रीवास्तव इस समय श्रावस्ती जनपद में एसपी पद पर तैनात हैं।
2016 का है यह मामला
मीनाक्षी शर्मा ने शिकायती पत्र में अारोप लगाते हुए कहा था कि छह सितंबर 2016 को उसके बड़े भार्इ विजय शर्मा को थाना साहिबाबाद पुलिस ने गैर कानूनी रूप से घर से उठाकर ले गर्इ थी आैर उसे थाने में बिठाए रखा। मीनाक्षी शर्मा ने आरोप लगाया कि इस संबंध में जब सीआे बाॅर्डर साहिबाबाद आशीष श्रीावस्तव व थाने में बात की तो उनसे छोड़ने की एवज में दो लाख रुपये की मांग की गर्इ। आरोप है कि सीआे बाॅर्डर साहिबाबाद ने कहा था कि यदि दो लाख रुपये नहीं दिए तो मुकदमे में फंसा देंगे, सुबह तक इंतजाम कर लो। शिकायतकर्ता का कहना है कि रिश्वत नहीं देने पर उसके भार्इ को राधेमोहन नगर चौकी इंचार्ज राधेश्याम, एसएचआे शीला चौधरी, सिपाही दीपक व एक अन्य पुलिसकर्मी ने बुरी तरह पीटा। उसके बाद उसे आठ सितंबर को एक झूठे मुकदमे में कोर्ट में पेश करके जेल भिजवा दिया। इस संबंध में शिकायतकर्ता मीनाक्षी शर्मा ने पुलिस अफसरों से शिकायत भी की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
अदालत में दिया था प्रार्थना पत्र
मीनाक्षी शर्मा ने थकहार मेरठ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अदालत की सुनवार्इ के दौरान साहिबाबाद थाने से रिपोर्ट भी मंगवार्इ गर्इ। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट को भी अदालत ने संज्ञान में लिया, जिसमें पीड़ित विजय शर्मा के शरीर पर गंभीर चोटों की बात दर्ज थी। इसके पश्चात अदालत ने सीआे बाॅर्डर समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए।
Published on:
15 Nov 2018 02:08 pm

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