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काम की खबर: 31 मार्च से पहले जरूर कर लें ये काम, नहीं तो देना पड़ेगा 10 हजार जुर्माना

Highlights: — करदाताओं को आईटीआर,पैन कार्ड और आधार कार्ड से जुड़े काम — 31 मार्च के बाद लेट या बिलेटेड रिटर्न करना होगा जमा — पूरे करने होंगे आयकर संबंधी काम

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मेरठ

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Rahul Chauhan

Mar 19, 2021

14 हजार से अधिक बैंक घाटे में, 2500 बैंक निष्क्रिय

chhindwara

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। 31 मार्च को वित्त वर्ष 2020-21 समाप्त हो जाएगा और एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होगी। ऐसे में करदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कर संबंधी सभी कार्य 31 मार्च से पहले पूरे हो जाएं। आयकर रिटर्न के जानकार अधिवक्ता अरूण कुमार जैन ने बताया कि जुर्माने से बचने के लिए करदाताओं को इसी महीने कुछ कार्य निपटा लेने चाहिए। आधार, पैन कार्ड के काम पूरे करें 31 मार्च तक आपको आईटीआर, पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि से जुड़े कुछ काम पूरे करने होंगे।

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अरूण कुमार जैन का कहना है कि चालू वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले करदाताओं को संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। अगर कोई भी आयकर रिटर्न एक अप्रैल या इसके बाद दायर करता है तो उसे लेट या बिलेटेड रिटर्न कहा जाता है। यदि आयकर रिटर्न पहले ही दाखिल किया जा चुका है और उसमें कोई भी बदलाव किए जाने हैं तो करदाता को एक संशोधित रिटर्न दाखिल करना होता है। उन्होंने कहा कि संशोधित रिटर्न की समय सीमा 31 मार्च है। पैन और आधार को लिंक करना जरूरी आयकर विभाग ने सभी पैन कार्ड को आधार से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए अगर आपने अभी तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया है तो उसे जल्दकर डालिए। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स ने पर्मानेंट अकाउंट नंबर और आधार लिंकिंग की आखिरी तारीख 31 मार्च 2021 तय की है। अगर आपने 31 मार्च तक यह काम नहीं किया तो आपका पैन कार्ड बेकार हो सकता है। आयकर अधिनियम की धारा 272बी के तहत 10000 रुपए का जुर्माना भी लग सकता है।

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विवाद से विश्वास योजना केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 17 मार्च 2020 को लागू की गई विवाद से विश्वास योजना के तहत घोषणा पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 है। योजना का उद्देश्य लंबित आयकर मुकदमेबाजी को कम करना है और सरकार के साथ-साथ करदाताओं को लाभ पहुंचाना है। अग्रिम कर आयकर कानूनों के तहत, यदि किसी व्यक्ति पर एक वर्ष में 10,000 रु पए से अधिक की कर देयता है, तो वे चार किस्तों में अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होते हैं। वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए अग्रिम कर की चौथी किस्त का भुगतान करने की समय सीमा 15 मार्च है।