
लव जिहाद आैर धर्मांतरण के मामले निपटाएगी हिन्दू न्याय पीठ, अभी तक आ चुके इतने मामले
मेरठ। शरिया कोर्ट की तरह स्थापित की गर्इ हिंदू न्याय पीठ में लगातार गतिविधियां चल रही हैं। शारदा रोड स्थित अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के कार्यालय में मुख्य न्यायाधीश डा. पूजा शकुन पांडे ने कहा कि पीठ में राम दरबार की तरह न्याय मिलेगा। उन्हाेंने कहा कि न्यायालय के भवनों का नाम भी श्रीराम के नाम पर रखा जाएगा। पत्रकारों से वार्ता करते हुए डा. पूजा शकुन ने कहा कि सनातन धर्म की पुस्तकों जैसे नारद स्मृति के 2000 श्लोक, मनुस्मृति, स्मृति चंद्रिका, सरस्वती विलास जैसे धार्मिक ग्रंथों में वर्णित न्याय और दंड विधान का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। इन ग्रंथों की न्याय प्रक्रिया को ही हिन्दू न्याय पीठ का संविधान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू न्याय पीठ के इस संविधान का भारतीय कानून संविधान से कोई टकराव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों की भी पीठ में सुनवाई होगी। पीठ लव जिहाद जैसे मुद्दों का निपटारा करेगी।
अभी तक आए 1435 मामले
उन्होंने कहा कि अभी तक 1435 मामले आ चुके हैं। इन पर दो अक्टूबर को संविधान बनने के बाद सुनवाई आरंभ होगी। इसमें सजा का भी प्रावधान होगा। पीठ की मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह आज भी इस बात पर कायम है कि अगर नाथूराम गोडसे की जगह वह होती तो वह भी वही कदम उठाती जो गोडसे ने उठाया था। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया पर देश का विभाजन करके उन्होंने ऐसी गलती की, जिसे माफ नहीं किया जा सकता।
गोडसे ने गांधी की हत्या करके अपराध नहीं किया
उन्होंने कहा कि गांधी जी की हत्या कर गोडसे ने कोई अपराध नहीं किया था। अगर भारत का आज भी कोई विभाजन करने का प्रयास करेगा तो कई गोडसे सामने आ जाएंगे। महासभा के कार्यालय में आयोजित बैठक में हिंदू न्याय पीठ के दो प्रवक्ताओं की भी नियुक्ति की गई। अभिषेक अग्रवाल और अशोक पांडे को पीठ का प्रवक्ता नियुक्त किया गया। हिंदू न्याय पीठ की मुख्य न्यायाधीश डा. पूजा शकुन पाडे ने कहा कि न्यायपीठ में भगवान राम के दरबार की तरह न्याय मिलेगा। सामाजिक, आर्थिक स्थिति या जाति देखकर नहीं बल्कि न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष और त्वरित होगी। सभी न्यायालय श्रीराम भवन के नाम से जाने जाएंगे।
Published on:
30 Aug 2018 11:06 am
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