UP news: एक तरफ जहां भारत सरकार इस्राइली के साथ है। वहीं दूसरी तरफ जमीयत उलेमा ए हिंद हमास और फलस्तीन के समर्थन में आ गई है। जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि देश का मुसलमान फलस्तीन के साथ है।
UP news: इस्राइली और हमास युद्ध के बीच अब भारत में समर्थन और विपक्ष को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ जहां भारत सरकार इस्राइल के समर्थन में है। वहीं अब जमीयत उलमा ए हिंद हमास और फलस्तीन के समर्थन में आया है। आज रविवार को जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि भारत का मुसलमान फलस्तीन की जनता के साथ है। उन्होंने कहा कि फलस्तीन की जनता अपनी आजादी के लिए कुर्बान हो रही है।
जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मदनी ने कहा कि विश्व के संगठनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अलावा वर्ल्ड मुस्लिम लीग को इस्राइल के फलस्तीन गाजा पटटी पर किए जा रहे हमलों पर हस्तक्षेप कर वहां शांति स्थापना के लिए सकारात्मक कदम उठाएं जाने चाहिए।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्ल्ड मुस्लिम लीग के मेंबर मौलाना सैयद अरशद मदनी ने फलस्तीन पर हो रहे इस्राइली हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों को इस्राइल के हमलों को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा ए हिंद फलस्तीन की जनता के अधिकारों के लिए उनके साथ है। उन्होंने कहा भारत का मुसलमान फलस्तीन जनता के समर्थन में है।
यान में कहा कि फलस्तीन की अवाम मातृभूमि की आजादी के लिए लड़ रही है
मौलाना सैयद अरशद मदनी ने आज रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि फलस्तीन की अवाम मातृभूमि की आजादी के लिए लड़ रही है। वो अपनी जानों की कुर्बानी दे रहे है। इस्राइल लगातार गाजा पटटी और फलस्तीन की जनता पर हमले कर रहा है। मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि इस्राइल के इन हमलों की जितनी निंदा की जाए कम है।
मौलाना मदनी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद अफसोस बात है कि दुनिया भर में के मानवाधिकारों की बात करने वाले और एकता और शांति पाठ पढ़ाने वाले तमाम संगठन आज फलस्तीन के मुद्दे पर चुप्पी साधे हैं।
हिंदुस्तान ने हमेशा शांति के लिए फलस्तीनी नागरिकों के अधिकारों की बात की
मौलाना मदनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, वर्ल्ड मुस्लिम लीग और विश्व के संगठनों से आह्वान किया इस्राइल द्वारा किए जा रहे हमलों पर तत्काल हस्तक्षेप कर वहां शांति स्थापना के लिए एहतियात कदम उठाएं जाए। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान ने हमेशा शांति के लिए फलस्तीनी नागरिकों के अधिकारों की बात की है।
इसके लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरु, अटल बिहारी वाजपेयी आदि ने फलस्तीन और वहां के नागरिकों का समर्थन किया है। उन्होंने भारत सरकार से भी अनुरोध किया है कि वो इस मामले में तुरंत हस्ताक्षेप करें और इस्राइल द्वारा किए जा रहे हमलो का विरोध करे।