
बड़ी खबरः बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के वरिष्ठ नेताआें की बुलार्इ मीटिंग, इन सीटों पर लेंगी फैसला
मेरठ। आगामी लोक सभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन उत्तर प्रदेश में फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। यही वजह है कि एक-एक लोक सभा सीट पर जबरदस्त मंथन दोनों पार्टी हार्इकमान कर रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती प्रदेश में अभी तक अपनी 38 में हर सीट पर वहां के पिछले रिकार्ड, जातिगत आैर मौजूदा स्थिति का जायजा लेने में जुटी हुर्इ हैं। मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट मायावती बहुत अहम मानती हैं, उन्हें मालूम है कि यह भाजपा का गढ़ है। पिछले दो बार से भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल जीते हैं। इसलिए इस सीट पर मौजूदा स्थिति के लिए उन्होंने जोन को-आेर्डिनेटर को अपने पास बुलवाया आैर उनसे इस सीट के हर पहलू पर मंथन किया। साथ ही वेस्ट यूपी की अन्य लोक सभा सीटों पर चर्चा की।
महापौर चुनाव के नतीजे पर हुर्इ चर्चा
मायावती से मिलने के लिए जोन को-आेर्डिनेटर सतपाल पेपला, शाहजहां सैफी, डा. कमल सिंह राज लखनउ पहुंचे। सूत्रों की मानें तो पिछले नगर निगम चुनाव में पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा के महापौर चुनाव जीतने पर चर्चा हुर्इ है। इसमें बसपा ने भाजपा को बड़े अंतर से हराया था। इसमें मुस्लिम आैर दलित फार्मूले से जीत का कारण बताया गया। सूत्रों की मानें तो इस फार्मूले पर मजबूती से काम करने को कहा गया है।
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बसपा के हिस्से में मेरठ सीट पर मंथन
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने जन्मदिन पर मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट का प्रभारी पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी को बनाया था। यह तय माना जा रहा है कि इस सीट से याकूब को ही बसपा टिकट देगी। हालांकि अभी इस सीट के उम्मीदवार की घोषणा सपा-गठबंधन की आेर से नहीं की गर्इ है, लेकिन मौजूद समीकरण यही है कि याकूब यहां के बसपा उम्मीदवार होंगे। सूत्रों का कहना है कि मेरठ-हापुड़ सीट समेत वेस्ट यूपी की अन्य सीटों के लिए सपा व बसपा पर किन-किन जातियों का प्रभाव, मौजूदा जातिगत समीकरण, भाजपा उम्मीदवार के लगातार दो बार जीतने संबंधी तमाम पहलुआें पर चर्चा हुर्इ है आैर इनसे जल्दी ही रिपोर्ट भी मांगी है।
Published on:
26 Jan 2019 09:17 am

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