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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का सफर होगा महंगा, 31 मार्च से बढ़ेंगे टोल, जानिए अब कितना देना होगा पैसा

मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में 31 मार्च से बढ़ोतरी लागू होगी। NHAI ने 5 से 45 रुपये तक शुल्क बढ़ाया है।

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मेरठ

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Anuj Singh

Mar 25, 2026

Delhi Meerut Expressway

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस की प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत इंटरनेट )

Meerut-Delhi Expressway News: मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे से सफर करने वाले लोगों के लिए अब यात्रा थोड़ी महंगी हो जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरें 31 मार्च की आधी रात से लागू होंगी। इस बढ़ोतरी के तहत टोल शुल्क में 5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक का इजाफा किया गया है।

हल्के वाहनों के लिए नई दरें

एनएचएआई के अनुसार, मेरठ से सराय काले खां तक टोल वसूला जाता है। कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए अब टोल 170 रुपये से बढ़ाकर 175 रुपये कर दिया गया है। यदि कोई वाहन 24 घंटे के अंदर वापस लौटता है, तो उसे पहले 255 रुपये देने होते थे, जो अब बढ़कर 265 रुपये हो गए हैं।

मिनी बस और बस-ट्रक के लिए बदलाव

मिनी बसों के लिए भी टोल दरों में वृद्धि की गई है। पहले जहां 275 रुपये देने होते थे, अब 285 रुपये देने होंगे। वहीं, 24 घंटे में वापसी करने पर यह शुल्क 415 रुपये से बढ़कर 425 रुपये हो गया है। बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए भी टोल बढ़ा है। अब इन्हें 580 रुपये के बजाय 595 रुपये देने होंगे। अगर 24 घंटे के भीतर वापसी होती है, तो यह शुल्क 870 रुपये से बढ़कर 890 रुपये कर दिया गया है।

मल्टी एक्सल वाहनों पर भी असर

मल्टी एक्सल और दो एक्सल वाले ट्रकों के लिए भी टोल बढ़ाया गया है। नई दरों के अनुसार अब 630 रुपये की जगह 645 रुपये, 905 रुपये की जगह 930 रुपये और 1105 रुपये की जगह 1130 रुपये देने होंगे। अगर ये वाहन 24 घंटे के भीतर टोल प्लाजा से आना-जाना करते हैं, तो उन्हें क्रमशः 970 रुपये, 1395 रुपये और 1700 रुपये का भुगतान करना होगा।

यात्रियों और कारोबार पर प्रभाव

टोल दरों में यह बढ़ोतरी आम यात्रियों और व्यापार से जुड़े लोगों दोनों पर असर डालेगी। जो लोग रोजाना इस एक्सप्रेसवे से यात्रा करते हैं, उन्हें अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। वहीं, माल ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए भी लागत बढ़ जाएगी, जिससे सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। यह बढ़ोतरी एनएचएआई की हर साल होने वाली करीब 5 प्रतिशत की सामान्य वृद्धि के तहत की गई है। नई दरें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू होंगी।