Meerut News: निकाय चुनाव के बाद से मेरठ में सपा-रालोद के बीच लगातार खींचतान देखी जा रही है। अब सपा विधायकों पर बड़ा दावा किया गया है।
Meerut News: मेरठ में निकाय चुनाव के समय आरएलडी और सपा में जहरदस्त रस्साकशी देखने को मिली थी। गठबंधन पर किसी तरह मामला सुलझा तो सपा के मुस्लिम विधायकों की पार्टी कैंडिडेट सीमा प्रधान से नाराजगी की बात सामने आने लगी। अब रालोद नेता ने कहा है कि गठबंधन के फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि सपा के मेरठ के दोनों मुस्लिम विधायक रफीक अंसारी और शाहिद मंजूर अब असदुद्दीन ओवैसी के संपर्क में हैं। मेरठ के वार्ड 73 से पार्षद रह चुके और इस बार रालोद के टिकट पर पार्षदी अब्दुल गफ्फार ने ये दावा किया है।
'गठबंधन की सिर्फ बात होती रही'
अब्दुल गफ्फार रालोद के टिकट पर पार्षद चुनाव लड़े लेकिन हार गए। उन्होंने एक चैनल से बातचीत में कहा कि गठबंधन के नाम पर हमें छला गया। सपा ने हमारी पार्टी के हालात खराब कर दिए। गठबंधन की बात कहते रहे लेकिन गठबंधन का धर्म नहीं निभा पाए। कुछ लोग कहते रहे एलायंस है और कुछ कहते रहे नहीं अलग-अलग लड़ेंगे। इसी चक्कर में हम लेट हो गए, क्षेत्र में नहीं जा पाए। बेहतर रहता अगर गठबंधन की बजाय अकेले लड़ते। अकेले लड़ने पर नतीजे बेहतर होते।
उन्होंने कहा कि गठबंधन पर जो भ्रम बना, उसकी वजह से हमारा वोटर कन्फयूज हो गया। इससे तो निर्दल लड़ते तब फायदा रहता। उन्होंने इस तरह के पार्टी लाइन के बाहर जाकर बयान देने पर कहा कि कार्रवाई होगी तो कोई बात नहीं। मैं तो चाहता हूं जयंत चौधरी को नुकसान ना हो। सपा नेता हमारे साथ धोखा करते रहे। हमारे नेताओं को हराने का काम करते रहे। इसलिए मुझे इसपर गुस्सा है।
'सपा के दोनों विधायक ओवैसी के उम्मीदवारों को जिताने में लगे रहे'
अब्दुल गफ्फार ने कहा, "सपा के दोनों विधायक निकाय चुनाव में AIMIM का प्रचार कर रहे थे। लगता है कि दोनों की ओवैसी से बात हो चुकी। इसीलिए ये यहां सपा नहीं AIMIM को चुनाव लड़ा रहे थे। ये सिर्फ अतुल प्रधान को हराने का काम कर रहे थे। गली गली घूमकर दोनों विधायकों ने सपा को हराने का काम किया।
गफ्फार ने कहा कि सपा का भविष्य अब रहा नहीं है। ऐसे में ये बड़े नेता औवेसी की पार्टी ज्वाइन करने जा रहे हैं। यो उसी का ट्रेलर था। हालांकि इन्होंने जो किया है, उसका नुकसान इनको अपने चुनाव में भी होगा। हालांकि ये AIMIM ज्वाइन करके नुकसान की कुछ पूर्ति कर लेंगे।
बता दें कि मेरठ में सपा के दो मुस्लिम विधायक हैं। किठौर से शाहिद मंजूर और शहर सीट से रफीक अंसारी एमएलए हैं। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान की बीवी सीमा प्रधान को मेरठ में मेयर कैंडिडेट बनाने पर इन दोनों विधायकों के नाराज होने की बात कही गई थी। कुछ वीडियो भी निकाय चुनाव प्रचार के सामने आए थे। जिसमें ये दोनों MLA कुछ पार्षदों के लिए सपा के खिलाफ वोट मांगते दिखे थे।