
सत्ता की धमक के सामने पुलिस आयी बैकफुट पर, दरोगा आैर महिला अधिवक्ता के मुकदमों से हटी डकैती की धारा
मेरठ। NH-58 बार्इपास पर ब्लैक पेपर रेस्टाेरेंट में दरोगा के साथ भाजपा पार्षद की मारपीट में दर्ज मुकदमाें के जरिए पुलिस विभाग योगी सरकार के सामने बैकफुट पर आ गया है। इस मामले में एसएसपी अखिलेश कुमार ने वार्ड 40 के भाजपा पार्षद मनीष चौधरी को जेल भेजा था, जबकि दरोगा सुखपाल पंवार को लाइन हाजिर कर दिया था। इस मामले में महिला अधिवक्ता की सदस्यता मेरठ जिला बार एसोसएिशन ने खत्म कर दी है। इस मामले अब महत्वपूर्ण तथ्य यह जुड़ा है कि पुलिस ने अपने विभाग के दरोगा आैर महिला अधिवक्ता की आेर से दर्ज करार्इ गर्इ एफआर्इआर से डकैती की धारा हटा दी है आैर केस डायरी कोर्ट में पेश कर दी है।
दशहरे के दिन हुर्इ थी मारपीट
दशहरे के दिन मोहिद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल पंवार महिला अधिवक्ता के साथ रेस्टोरेंट ब्लैक पेपर में पहुंचे थे, वहां रेस्टोरेंट के मालिक भाजपा पार्षद मनीष चौधरी ने दरोगा के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पहले महिला अधिवक्ता ने भाजपा पार्षद व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद दरोगाक की आेर से इन्हीं आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, डकैती, मारपीट समेत कर्इ धाराआें में मुकदमा दर्ज कराया था। भाजपाइयों ने इन धाराआें के खिलाफ हंगामा किया था आैर सांसद राजेंद्र अग्रवाल व अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अफसरों से मिलकर डकैती की धारा हटाने की मांग की थी।
कोर्ट में पेश कर दी केस डायरी
यह सत्ता का ही असर है कि पुलिस ने इन दोनों मुकदमों से डकैती की धारा हटा दी है। इन दोनों मुकदमों की विवेचना कर रहे दरोगा रविन्द्र सिंह ने दोनों मुकदमों में से डकैती की धारा हटा दी है आैर केस डायरी सीजेएम अभय प्रकाश की कोर्ट में पेश कर दी है। इस मामले में एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि रेस्टाेरेंट वाले मामले में किसी का कोर्इ सामान लूटा नहीं गया, इस मामले की जांच में कोर्इ भी गलत काम नहीं किया जाएगा।
Published on:
27 Oct 2018 12:56 pm

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
