
केपी त्रिपाठी
मेरठ। शुक्रवार दोपहर हापुड़ रोड पर बवाल जारी था। बवालियों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को जूझना पड़ रहा था। इसी दौरान हापुड़ अड्डा चौराहे पर सजे-धजे कई लोग पहुंच गए। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। ये लोग गढ़ रोड एक होटल में रुके हुए थे। इन्हें लिसाडी गेट क्षेत्र में मेंहदी की रस्म में शामिल होने जाना था। मौके पर चल रहे बवाल के बीच पुलिस पर इनकी नजर पड़ी। तभी पुलिस पुलिस अधिकारियों ने सभी को सुरक्षित कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा में खुद एसपी रैंक का एक अधिकारी पीछे चलता रहा।
दरअसल, लिसाडी गेट निवासी मसूद अख्तर की बेटी की आगामी शनिवार को शादी है। बेटी की ससुराल से कोलकाता निवासी करीब 65 लोग मेंहदी की रस्म में शामिल होने के लिए आए थे। सभी गढ रोड स्थित एक होटल में रुके हुए थे। शाम को सभी तैयार होकर जैसे ही कार्यक्रम स्थल की ओर जाने के लिए हापुड अड्डे पर पहुंचे तभी मेरठ में बवाल शुरू हो गया। इन लोगों में महिलाओं की संख्या अधिक थी।
हापुड अडडे पर फोर्स और बवालियों को देखकर सभी दहशत में आ गए। इसके बाद किसी ने लिसाडी गेट की तरफ जाने का साहस नहीं दिखाया। मसूद अख्तर को यह जानकारी लगी तो वे भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन इतने सारे मेहमानों को सुरक्षित कैसे लेकर जाएं, यह सबसे बड़ा सवाल था। इसी दौरान मेरठ में एसपी सिटी रहे रणविजय सिंह जो कि वर्तमान में एसपी देहात नोएडा हैं वहां पर पहुंचे।
उन्होंने आलाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद रोडवेज की एक बस मंगवाई गई। सभी मेहमानों को बस में बैठाकर लिसाडी गेट स्थित कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना किया गया। खुद एसपी रणविजय सिंह बस के आगे चले और बस के पीछे दो पुलिस की जीप मेहमानों की सुरक्षा के लिए चलीं। पुलिस के इस व्यवहार से हर कोई प्रभावित हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मेहमानों के चेहरे पर खुशी के भाव थे। सभी शहर में शांति की दुआ करते नजर आए।
Updated on:
21 Dec 2019 04:39 pm
Published on:
21 Dec 2019 04:38 pm

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