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बच्चाें काे भूखा नहीं देख पा रहा था मेरठ का रहीस, इसलिए पूरे परिवार काे खत्म करके लगाई फांसी

रहीस ने पूरे परिवार काे मारने और फिर माैत काे गले लगाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। रहीस के अनुसार साैतेली मां बच्चाें काे खाना नहीं देती थी और कई बार बच्चे भूखें ही साे जाते थे। बच्चाें पर हाे रहे इस अत्याचार काे वह सहन नहीं कर पाया और खाैफनाक कदम उठा लिया।

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मेरठ

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shivmani tyagi

Dec 11, 2020

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घर के अंदर पड़े दाेनाें मासूम बच्चे

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) मोहल्ला कस्सावान के रहने वाले मजदूर रहीस ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को मौत के घाट उतारकर खुद काे फांसी लगाई थी। इस आत्मघाती कदम के पीछे दिल काे झकझोर देने वाली वाली वजह सामने आई है

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पूरे परिवार काे खत्म करके फांसी पर चढ़ने से पहले रहीस ने सुसाइड नाेट में लिखा था कि, उसने रिहाना से दूसरी शादी की थी। रहीस की पहली पत्नी से दो बच्चे थे। शादी के बाद से ही रिहाना उसके दोनों बच्चों से नफरत करने लगी। वह उन्हे खाना तक नहीं देती थी और बच्चे अक्सर भूखे ही साे जाया जाया करते थे। मासूम बच्चाें की भूख ( hunger ) उससे सहन नहीं हुई और उसने इस जिंदगी से मरना ही बेहतर समझा। वह खुद मरकर बच्चाें काे नरक में हीं छाेड़ना चाहता था इसलिए उसने पहले पूरे परिवार काे खत्म किया और फिर फांसी पर झूल गया।

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बच्चाें काे खाने काे लेकर अक्सर रहीस और रिहाना के बीच झगड़ा होता था। बताया गया कि गुरुवार को भी दोनों के बीच मारपीट हुई थी। पड़ोसियों ने मारपीट और चिल्लाने की आवाजें सुनी थी लेकिन कुछ देर बाद ही सब कुछ शांत हो गया था। शायद इसी से गुस्साए रहीस ने रिहाना समेत बड़े बेटे हैदर, छोटे बेटे आफाक और रिहाना की चार साल की मासूम आयत को फांसी लगाकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वह खुद भी कमरे में लगे पंखे में कपड़ा बांधकर फांसी पर झूल गया। देर शाम पड़ोसियों ने छत से घर में सन्नाटा देखा तो आवाज दी। जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उन्होंने बरामदे में झांककर देखा। मां.बेटी की लाश देख उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना दी। कोतवाल आनंद प्रकाश मिश्रा मय फोर्स मौके पर पहुंचे तथा घर का दरवाजा तोड़कर देखा तो सभी के होश उड़ गए।

घर का मंजर देख उडे़ पड़ोसियों के होश
जिस समय पड़ोसियों ने रहीस के घर में झांककर देखा तो उनके होश उड़ गए। बरामदे मे रिहाना व उसकी बेटी का शव पड़ा था। कमरे में एक चारपाई पर दोनों बेटों के शव पड़े थे। उधर रहीस भी पंखे से बंधे कपड़े से झूल रहा था। मौके का मंजर देखकर पूरे मोहल्ले में हाहाकार मच गया। पुलिस ने रहीस के दिल्ली में रह रहे भाइयों को सूचना दी। वहीं सूचना पर सीओ सदर देहात पूनम सिरोही अपने साथ फोरेंसिक टीम लेकर पहुंची। एसपी देहात केशव कुमार भी मौके पर पहुंचे।


पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे एक साथ पांच शव तो मचा हाहाकार
आज सुबह से मोहल्ले के किसी घर में चूल्हा नहीं जला है। सभी की जुबा पर एक ही सवाल है कि आखिर रहीस ने ऐसा क्यों किया ? उसको ऐसा नहीं करना चाहिए था। आज जब पोस्टमार्टम के बार कफन में लिपटे पांच शव घर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं मृतक रहीस के भाइयों का भी रोकर बुरा हाल हो चुका था।

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