
Meerut SSP Transfer : कई बीजेपी नेता और मंत्री के निशाने पर थे एसएसपी प्रभाकर चौधरी, चुनाव से पहले थी हटाने की मांग
Meerut SSP Transfer आखिरकार आईपीएस प्रभाकर चौधरी पर भाजपाइयों की नाराजगी भारी पड़ ही गई और उनको मेरठ से हटा दिया गया। हालांकि भाजपा के कई बड़े नेता, कद्दावर मंत्री आईपीएस चौधरी को मेरठ से हटाने के लिए 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी मुख्यमंत्री से मिले थे। लेकिन सीएम योगी ने चुनाव से पहले प्रभाकर चौधरी को मेरठ से हटाने से इनकार कर दिया था। आईपीएस प्रभाकर चौधरी की कार्यशैली की मेरठ की जनता ने खूब तारीफ की। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के विरोध को देखते सुरक्षा कड़ी रखने का मामला हो या फिर मेरठ के थानों में चल रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने का काम। वह सब उन्होंने बाखूबी किया। योगेश भदौड़ा समेत पांच अपराधियों को कोर्ट से सजा दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी पर भी कानूनी शिकंजा इनके कार्यकाल में कसा।
मेरठ जैसे जिले में क्या बीजेपी नेताओं से उलझना पुलिस कप्तान प्रभाकर चौधरी को भारी पड़ा? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि पिछले दिनों जिस तरह से हस्तिनापुर के विधायक और राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने मेरठ पुलिस पर सवाल उठाए थे। उससे लगने लगा था कि एसएसपी प्रभाकर चौधरी अब अधिक दिन तक जिले में नहीं टिक पाएगे। इससे पहले भी विधानसभा चुनाव में जिस तरह से एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने निष्पक्ष चुनाव कराए वह भी भाजपा नेताओं की आंखों में किरकिरी बच गया।
मेडिकल थाने में भाजपा नेताओं का हंगामा और उनको जेल भेजने के अलावा भाजपा नेताओं की सिफारिशें ना मानना भी एसएसपी प्रभाकर चौधरी के स्थानांतरण के पीछे बहुत बड़ा कारण रहा। भाजपा के चहेते पुलिस अधिकारियों को भी एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने लाइन की हवा खिला दी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी 18 जिलों में एसएसपी रह चुके हैं। जिसमें से मेरठ में सबसे लंबा कार्यकाल रहा।
Published on:
26 Jun 2022 07:12 pm
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