
Emergency in India 1975 : आपातकाल के दौर को याद कर भाजपा ने मेरठ में मनाया काला दिवस
Emergency in India 1975 आज भाजपा ने 25 जून 1975 के दिन देश में लगाए गए आपात काल के विरोध में काला दिवस मनाया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, सांसद, विधायकगणों ने सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने आपातकाल के विरोध करते हुए आज काला दिवस मनाया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राज्सभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर क्षेत्री उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी रहे। पूर्व विधायक किठौर सत्यवीर त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारत देश के लोकतंत्र में काला दिवस के नाम से जाना जाता है।
आपातकाल के दौर में मेरठ क्रांतिधारा से भी सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस सरकार और उनकी नीतियों के खिलाफ गिरफ्तारी दी थी। उन्होंने कहा कि आज से 47 साल पहले देश में आपातकाल लगाया गया था। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे विवादस्पद दौर माना जाता है। इसे भारतीय राजनीति के इतिहास का काला अध्याय कहा जाता है। वहीं भाजपा सांसद विजय पाल तोमर ने कहा कि 25 जून 1975 की वह आधी रात, जब आपातकाल की घोषणा की गई तब सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए। अभिव्यक्ति के अधिकार छीन लिए गए और जीवन का अधिकार भी नहीं रह गया था। आपातकाल 21 मार्च 1977 तक लगी रही। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के इस आपातकाल ने देश की राजनीति की दशा ही पूरी तरह बदल कर रख दी थी। आपातकाल के आंदोलन ने देश को बड़े-बड़े नेता दिए।
अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आड़वाणी के अलावा कई नेता ऐसे रहे जिन्होंने उस दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब हम इतिहास से सबक लेते हुए नए भारत के भविष्य की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रख चुके हैं। हमारा देश भारत विश्व पटल पर अग्रिम पंक्ति में खड़ा हैं। मंच पर मौजूद रहे पूर्व विधायक संगीत सोम , जगत सिंह ,संजीव गोयल सिक्का, अरुण वशिष्ठ, चौ. मनिंदर पाल, रविंद्र राणा, विमल शर्मा जिलाध्यक्ष, धर्मेंद्र भारद्वाज एमएलसी आदि ने भी अपने विचार रखे।
Published on:
26 Jun 2022 03:52 pm
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