
मेरठ। पिछले दस सालों में मेरठ कैंट के लोग दुनिया से बहुत पीछे हो गए हैं। जी हां, एक ओर जहां पूरी दुनिया मोबाइल पर सिमट गर्इ हैं, वहीं एक इलाका ऐसा हो कि वहां मोबाइल ही न चले तो सोचिए यहां के लोग कितनी दुश्वारियां झेल रहे होंगे। लेकिन, साल 2018 वहां के लोगों के लिए काफी खुशियां लेकर आने वाली है। साल 2018 मेरठ कैंट के लोगों के लिए नर्इ सौगात लेकर आ रहा है और यह सौगात रक्षा मंत्रालय की ओर से मेरठ कैंट बोर्ड अपने इलाके के लोगों को देने जा रहा है। यह सब पूरे दस साल बाद होगा। दरअसल, कैंट क्षेत्र में 16 जगहों पर मोबाइल के अस्थायी टॉवर लगाने की मंजूरी दी गर्इ है। 2008 में रक्षा मंत्रालय के कहने पर कैंट बोर्ड ने कैंट क्षेत्र में लगे छह अवैध मोबाइल टावर हटवाए थे, इसके बाद भी गुपचुप तरीके से लगवाए गए मोबाइल टावरों को बोर्ड अफसर हटाते आए हैं। ऐसे में कैंट क्षेत्र में मोबाइल पर बात करना मुश्किल हो गया था। अब यह मुश्किल जनवरी 2018 में हल होने जा रही है।
2008 में यह हुआ था
रक्षा मंत्रालय ने मेरठ कैंट में लगे अवैध मोबाइल टावर पर सवाल खड़े किए थे। सैन्य अफसरों का कहना था कि सुरक्षा की दृष्टि से ये मोबाइल टावर ठीक नहीं है, इन्हें हटाया जाए। क्योंकि, सैन्य गतिविधियां व बातचीत मोबाइल कैच कर रहे हैं। इस पर तुरंत एक्शन हुआ और कैंट बोर्ड के अफसरों ने बिना अनुमति लगाए मोबाइल टावर्स हटा दिए। इसके बावजूद गुपचुप तरीके से मोबाइल टावर लगते रहे। पिछले दस सालों में बोर्ड अफसरों ने 13 बार ये अवैध मोबाइल टावर हटवाए। इन टावरों के हटते ही मोबाइल सिग्नल की किल्लत शुरू हो गर्इ। बार-बार फोन कटना, बात पूरी नहीं होना, सिंग्नल के लिए घर से दूर जाकर बात करने के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्शन भी बेकार हो गए थे। इंटरनेट सेवा बिल्कुल ठप हो गर्इ थी। इसके चलते यहां काफी परिवार व दुकानें शहरी क्षेत्र की ओर चले गए। इससे सैन्य क्षेत्र के मोबाइल फोन भी प्रभावित हुए। पिछले दस साल से पूरे कैंट क्षेत्र में यही स्थिति बन गर्इ थी।
रक्षा मंत्रालय ने बनार्इ नर्इ पॉलिसी
रक्षा मंत्रालय के कहने पर कैंट क्षेत्र में बिना अनुमति लगे मोबाइल टावर्स तो हटा लिए गए, लेकिन इसके बाद लोगों की परेशानी मंत्रालय तक पहुंचने लगी। काफी शिकायतें पहुंचने के बाद रक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया कि नर्इ पॉलिसी ऐेसी तैयार की जाए, जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से सेना को दिक्कत न हो और लोगों की परेशानी भी हल हो जाए। कैंट में अब अस्थायी मोबाइल टावर लगाने की पॉलिसी तैयार की गर्इ। कैंट बोर्ड ने इसके लिए 25 स्थान चिन्हित किए थे, जिनमें से 16 स्थानों पर सहमति बनी है। इसके लिए ऑनलाइन टेंडर भी मांगे गए हैं। कैंट बोर्ड के प्रवक्ता हाजी एमए जफर का कहना है कि कैंट में लोग मोबाइल टावर नहीं होने से परेशान थे, अब सरका की नर्इ पॉलिसी के तहत अस्थायी मोबाइल टावर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जनवरी 2018 तक लोगों की मोबाइल व इंटरनेट सेवा से कोर्इ परेशानी नहीं होगी।
इन 16 स्थानों पर लगेंगे टावर
बंगला नंबर 173 आबूलेन, डी-बाबा क्रासिंग रजबन, एसएसडी लालकुर्ती, बंगला 166 सरकुलर रोड, आरए बाजार, रोड साइड वोल्गा रेस्टोरेंट, बूचरी रोड लालकुर्ती बीआर्इ बाजार, रानी लक्ष्मीबार्इ पार्क आरए बाजार, गांधी बाग, चाट बाजार, वूमेन गेस्ट हाउस, वेस्ट एंड रोड तिकोने पर, शक्तिधाम मंदिर लालकुर्ती, टंडेल मोहल्ला, अम्बेडकर पार्क रविन्द्रपुरी और बंगला 193 नया बाजार कैंट।
Published on:
20 Dec 2017 03:14 pm

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