
धनतेहरस के दिन जिगर के टुकडे़ के साथ मां-बाप ने किया ऐसा कि बाजार में मच गया हड़कंप
मेरठ. धनतेहरस के दिन सभी लोग खरीदारी करने में व्यस्त थे। लोग पूजा के लिए तरह-तरह के समान खरीद रहे थे। बाजार में तिल भर भी पैर रखने की जगह नहीं थी। भीड़भाड़ के चलते एक नवजात को उसके मां-बाप ने उसे ऐसी हालात में छोड़ दिया कि कुछ समय बाद मेरठ के व्यस्त और दिल कहे जाने वाले सेंट्रल मार्केट में हड़कंप मच गया। जिसने भी नवजात बच्ची की ओर देखा, वह उसकी ओर दौड़ पड़ा। लेकिन इतना सब कुछ होन के बाद भी बच्ची के मां-बाप का कहीं पता नहीं चला। काफी देर बाद जब मां-बाप बच्ची के पास पहुंचे तो उन्हें लोगों के तानों से दो-चार होना पड़ा।
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शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में धनतेरस की रात मां-बाप की लापरवाही से एक मासूम बिटियां की जान पर बन आई। करीब छह माह की नन्हीं मासूम बच्ची को उसके माता-पिता कार में सोता हुआ छोड़कर खरीदारी करने चले गए। कार के दरवाजे और शीशे बंद होने के कारण कुछ देर में ही नवजात बच्ची की आंख खुल गई और वह कार के भीतर रोने लगी। आते जाते लोगों को जब कार के भीतर से बच्ची के रोने की आवाज आई तो उन्होंने पास में मौजूद पुलिस को इसकी सूचना दी। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। बच्ची कार के भीतर रोती रही और लोगों की भीड़ जुटती गई। सेंट्रल मार्केट में मेला लगा होने के कारण वहां पर कार नंबर से बच्ची के मां-बाप के लिए एनाउंसमेंट भी कराया गया, लेकिन फिर भी कोई नहीं आया। इतने में लोगों ने कार का शीशा तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची बदहवास थी और थोड़ी देरी हो जाती तो बच्ची की जान भी जा सकती थी। करीब डेढ़ घंटे तक बच्ची कार के भीतर रोती-तड़पती रही। आखिरकार दो घंटे बाद लौटे दंपति को वहां पर मौजूद लोगों ने खूब खरी-खोटी सुनाई। मौके पर मौजूद महिलाओं ने तो मां को यहां तक कह दिया जब पालना नहीं आता तो पैदा क्यों किया। घटना की जानकारी एसपी सिटी को लगी तो उन्होंने दंपति को हिरासत में लेने के लिए कहा, लेकिन दंपति ने आइंदा ऐसी गलती न होने और माफी मांगने पर एसपी सिटी ने चेतावनी देकर जाने दिया।
Published on:
6 Nov 2018, 8:53 PM IST
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