
मेरठ. निकाय चुनाव नजदीक आते ही पाला बदलने का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मेरठ में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने आए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और उत्तराखंड के प्रभारी प्रशांत गौतम को साइकिल की सवारी कराने में सफल रहे। इसकी विधिवत घोषणा 26 अक्टूबर को लखनऊ में की जाएगी। इसके इलावा यह भी सूचना है कि बसपा नेता ताराचंद्र शास्त्री भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई है। प्रशांत गौतम के समाजवादी पार्टी में शामिल होने से मेरठ निकाय चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सिवाल खास के पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद की पुत्री की शादी में शिरकत करने आए थे। इस दौरान अखिलेश यादव पूर्व मंत्री और किठौर से विधायक रहे शाहिद मंजूर के जली कोठी आवास पर भी पहुंचे। यहीं पर उनकी मुलाकात बसपा के पूर्व नेता प्रशांत गौतम से मुलाकात हुई। हांलाकि, मुलाकात को गुप्त रखा गया था, लेकिन मीडिया को भनक लगते ही प्रशांत गौतम अखिलेश से मिलकर तुरंत निकल गए। प्रशांत गौतम ने पत्रिका से हुई बातचीत में बताया कि वे अखिलेश यादव के मेरठ दौरे के दौरान मिले हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान समाजवादी पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई। 26 अक्टूबर को लखनऊ जाकर विधिवत रूप से वे समाजवादी पार्टी की सदस्याता ग्रहण करेंगे।
प्रशांत की पत्नी को मिल सकता है महापौर का टिकट
इस मुलाकात के बाद इस बात की संभावना जताई जा रही है कि बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रशांत गौतम की पत्नी को समाजवादी महापौर पद के लिए उम्मीदवार बना सकती है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में समाजवादी पार्टी के पास कोई टिकाऊ उम्मीदवार न होने के कारण प्रशांत गौतम की पत्नी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। दरअसल, निगम परीसीमन के बाद मेरठ महापौर सीट महिला पद के लिए सुरक्षित होने के बाद सपा को ऐसे उम्मीदवार की तलाश थी, जो शहर का हो और चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दे सके। प्रशांत गौतम की शहर की दलित बस्तियों में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
बसपा में कई बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं प्रशांत
प्रशांत गौतम चार बार बसपा के मेरठ के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। 2014 के चुनाव के बाद उन्हें दिल्ली प्रदेश का प्रभारी बना दिया गया था। इससे पहले वे मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल के कॉर्डिनेटर भी रह चुके हैं। 2012 में वे मेरठ जिले की हस्तिनापुर विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। लेकिन 2017 विधानसभा चुनाव में हार के बाद बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी से निकाले जाने के बाद प्रशांत ने भी पार्टी से बगावत कर दिया था, जिसके बाद पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
Published on:
22 Oct 2017 08:29 pm

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