
Khatauli by-election : बुरका और खुरपा करेगा खतौली में प्रत्याशियों के जीत हार का फैसला
बुरका मतलब मुस्लिम महिला मतदाता और खुरपा मतलब खेतों में काम करने वाले कामगार। इन कामगारों में सैनी, धीमर, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति,माली,कहार और प्रजापति समाज के मतदाता शामिल हैं।
एक लाख मुस्लिम मतदाता और 50 हजार दलित
2022 में हुए विधानसभा चुनाव के मुताबिक खतौली में मतदाताओं की संख्या 3.50 लाख के आसपास है। प्रत्याशियों द्वारा जातिगत और समुदायिक अनुमानित आकड़ों के अनुसार खतौली विधानसभा में 1 लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता है। जबकि 50 हजार मतदाता दलित समाज से हैं। दलित समाज के 50 हजार मतदाताओं में ये कामगार मतदाता भी शामिल हैं।
नहीं टूट रही वोटरों की चुप्पी
खतौली उपचुनाव में इस बार वोटरों की चुप्पी नहीं टूट रही है। रालोद प्रत्याशी मदन भैया अपनी जीत निश्चित मानकर चल रहे हैं। खतौली विधानसभा सीट पर 2022 में चुनाव जीते विक्रम सैनी की पत्नी भाजपा से प्रत्याशी हैं।
वोटरों की चुप्पी भाजपा प्रत्याशी के लिए काफी बेचैन करने वाली है। हालांकि विक्रम सैनी यह मानकर चल रहे हैं कि सैनी होने का लाभ उनको मिलेगा। लेकिन जिस तरह से रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की जनसभा में भीड़ उमड़ी उससे भाजपा प्रत्याशी के लिए परेशानी खड़ी हो रही है।
मुख्यमंत्री बनाएंगे माहौल
खतौली विधानसभा उपचुनाव जीतने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। खतौली उपचुनाव में अब मुख्यमंत्री योगी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए बुधवार 30 नवंबर को जनसभा करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा क्या माहौल बनाएगी ये तो खतौली उपचुनाव का परिणाम बताएंगे। लेकिन इतना तय है कि बुरका और खुरपा जिस तरफ गया। वहीं दल खतौली विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करेगा।
Published on:
29 Nov 2022 02:48 pm

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
