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मुस्लिम नेताओं ने कहा- जितनी आजादी भारत में, उतनी इस्लामिक देशों में भी नहीं

खास बातें कहा- भारतीय संविधान में मुस्लिमों के हित को बचाने का प्रावधान भारतीय मुस्लिम अन्य देशों की अपेक्षा अधिक सम्पन्न और सुरक्षित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक में मुस्लिम नेताओं ने खुलकर रखी राय
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 19 Aug 2019, 10:02 AM IST

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मेरठ। 'भारत में प्रजातंत्र की जडेें बहुत मजबूत हैं। इसमें देश के विद्धान-प्रतिनिधियों द्वारा तैयार किए गए संविधान में मुस्लिमों को धार्मिक स्वतंत्रता का पूरा अधिकार है। वहीं लोगों को उकसाने वाली ताकतों और नकारात्मक प्रभाव से अल्पसंख्यकों को बचाने का भी प्रावधान भी निहित है।' यह बातें मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य राष्ट्रीय संयोजक अफजाल ने कही। उन्होंने कहा आज भारत का प्रत्येक मुस्लिम बिना किसी खौफ की आशंका और निर्भय होकर यहां पर अपनी ईद मना सकता है, नमाज पढ़ सकता है। जबकि इस्लामिक देशों मेें ऐसा नहीं होता। देश के मुस्लिमों के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती हैं।

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समाज को तोड़ने वाली ताकतों से बचें

उन्होंने कहा भारतीय मुस्लिम नागरिकों का देश की संस्कृति, एकता और प्रजातंत्र में गहरा विश्वास है, लेकिन कुछ अतिवादी और आतंकवादी अपनी घृणा, फूट डालने और चालबाजी से समाज को बदनाम करना चाहती हैं। जो देश का असली मुस्लिम है, वह ऐसी ताकतों को उनके उद्देश्यों में कामयाब नहीं होने देना चाहते। उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे मासूम युवाओं को जिहाद के नाम पर प्रभावित किया गया कि ये अतिवादी और आतंकवादी बने, लेकिन जब भटके हुए युवाओं को ऐसे तत्वों के गलत मंसूबों का पता चला तो वे अपने परिवार और संबंधियों के पास लौट आए।

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पाकिस्तान कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा

बैठक में इस्लाम अब्बास ने कहा हमारी भारतीय सामाजिक परंपरा, संस्कृति और निर्भरता विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ रुकावट के रूप में भी कार्य करती है। इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात में समाज के विभाजन का प्रयास और घृृणा फैलाना दंडनीय अपराध माना जाता है। इस्लाम में बलपूर्वक किसी के विश्वास को बदलने का प्रबल विरोध किया गया है। इसे मानने वाले सदभावना शांति के धार्मिक प्रतीकों के सम्मान में खडे रहते हैं। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी देश विश्व के देशों में हमारे प्रति जहर घोलने की कोशिश करता है, लेकिन देश में समाज विभाजन, घृणा फैलाकर, अपराध करने वाले मुठठी भर लोगों को अपना मोहरा बनाकर भी वह भारत देश का कुछ नहीं बिगाड़ पाया।

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