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जेलों में महिला बंदियों आैर उनके बच्चों के लिए हुर्इ यह पहल, जल्द ही मिलने जा रही यह सुविधा

महिला आयोग की प्रतिनिधि कर रही जेलों में मौजूदा स्थिति का अवलोकन कर रही  

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जेलों में महिला बंदियों आैर उनके बच्चों के लिए हुर्इ यह पहल, जल्द ही मिलने जा रही यह सुविधा

मेरठ। जेल की महिला बंदियों के प्रति सरकार अब सजग हो गई है। यह बात अलग है कि जेल के बाहर महिलाओं को भले ही आधी-अधूरी सुविधाएं मिल रही हों। जेल में बंद महिलाओं की सेहत का ध्यान और उनसे संवाद करने के लिए राज्य महिला आयोग की टीम को लगाया गया है। इसी कड़ी में मेरठ में राज्य महिला आयोग की सदस्या डा. प्रियंवदा तोमर मेरठ जेल में बंद महिला बंदियों से मिली और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की। राज्य महिला आयोग की सदस्या डा. प्रियंवदा तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा महिला बन्दियों व उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा जिला कारागार आदि का निरीक्षण कर वहां रहने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य कार्ड व मूलभूत सुविधाओं आदि को सुनिश्चित किया जा रहा है।

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महिला बंदियों को दिए जाएंगे स्वास्थ्य कार्ड

इसी क्रम में उनके द्वारा मेरठ मंडल के गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद के बाद मेरठ के कारागार का निरीक्षण कर वहां महिला बन्दियों की स्थिति को जाना। महिला बन्दी भावनात्मक व मानसिक रूप से सक्षम बनें यह आयोग का उद्देश्य है। राज्य महिला आयोग की सदस्या डा. प्रियंवदा तोमर ने कहा कि जिला कारागार मेरठ में 127 महिला बंदी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा एक प्रारूप दिया गया है। उनके स्वास्थ्य कार्ड, हाईजीन आदि सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनके द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया।

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महिला बंदियों की समस्याओं को जाना

उन्होंने कहा कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि महिला बन्दियों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराना व यह जानना कि उनका जीवन स्तर कैसा है तथा आगे जाकर उनकी क्या दिशा होगा तथा वह भावनात्मक व मानसिक रूप से कितनी सक्षम बन पाएंगी।

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महिला बंदी ने नहीं रखी समस्या

उन्होंने कहा कि महिला बन्दियों व उनके बच्चों का टीकाकरण समय से हो यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला बन्दियों द्वारा किसी भी प्रकार की परेशानी उनके समक्ष नहीं रखी गर्इ। उन्होंने स्वयं अपने विवेक से स्थितियों का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो जाती है, तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ जाता है इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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