Independence Day 2019: मदरसों में फहराया गया तिरंगा, मौलानाओं ने शहीदों के लिए कही ये बातें

Independence Day 2019: मदरसों में फहराया गया तिरंगा, मौलानाओं ने शहीदों के लिए कही ये बातें

Sanjay Kumar Sharma | Updated: 15 Aug 2019, 01:48:44 PM (IST) Meerut, Meerut, Uttar Pradesh, India

खास बातें

  • मेरठ के मदरसों में स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
  • मदरसे में फहराया गया तिरंगा, बच्चों ने गाया राष्ट्रीय गान
  • स्वतंत्रता संग्राम में देश के शहीदों के बारे में बताए अनुभव

मेरठ। गुरुवार को शहर में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान सरकारी कार्यालयों और स्कूल-कालेजों के साथ मदरसों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जिले के सभी मदरसों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहीदों को याद कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदर स्थित मदरसा इमदादुल नूर इस्लाम में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण हुआ। मदरसे के सदर मौलाना मसूद शाहीन जमाली ने देश के शहीदों को याद करते हुए मदरसे के छात्रों को स्वतंत्रता दिवस में उनके योगदान को बताया।

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ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ किया काम

कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मौलवी लियाकत अली खान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह महान स्वतंत्रता सेनानी थे। अली खान में बचपन से ही धार्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया था। तभी से उनमें अंग्रेजी राज विरोधी सोच पैदा हो गई थी। ब्रिटिश सेना में भर्ती होकर उन्होंने भारतीय सैनिकों के मन में अंग्रेजों के खिलाफ विचारों का मतारोपण करना प्रारंभ किया। ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों को इसकी भनक लग गई, जिसके कारण उन्हें सेना से निष्कासित कर दिया गया।

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1857 की क्रांति को याद किया

मौलाना मशुददुलरहमान शाहीन जमाली ने कहा कि इतिहास में अंग्रेजों के विरूद्ध भारतीयों के आक्रोश का प्रतीक माने जाने वाले प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर ने किया। बहादुर शाह जफर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक जिन्होंने 1857 में मेरठ में ईस्ट इंडिया कंपनी के विरूद्ध विद्रोह कर दिया था। और नई दिल्ली के लाल किला पहुंच गए। बहादुर शाह जफर ने 12 मई को अपना दरबार लगाया और कई नियुक्तियां की तथा अंग्रेजों के विरूद्ध युद्ध की घोषणा कर दी थी। इस दौरान मदरसे में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और तिरंगा के सामने राष्ट्रीय गीत गाया गया। इसके बाद मदरसे के छात्रों को मिठाइयां बांटी गई।

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