
किडनी मरीजों के लिए उपयोगी सेंधा नमक
साधारण नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। जिसके उपयोग से ब्लड प्रेशर और शरीर में पानी की मात्रा बढ़ती है। ऐसा चिकित्सकों का मानना है।
अधिक नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर का कारण
डा. संदीप गर्ग का कहना है कि अधिक नमक के सेवन से लगातार हाई ब्लड प्रेशर बना रहता है जिससे दिल की बीमारी और स्ट्रोक के साथ किडनी भी संक्रमित होती है।
उन्होंने बताया कि किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीज़, रॉक सॉल्ट यानी सेंधा नमक खा सकते हैं। डा. संदीप गर्ग के मुताबिक अगर किडनी सही तरह से काम नहीं कर पा रही है, तो नमक का सेवन कम करने की सलाह देते हैं।
कम होती है सोडियम की मात्रा
रॉक साल्ट सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा कम होती है। इसी के साथ इसमें आयरन, ज़िंक, मैंगनीज़ जैसे ज़रूरी खनिज मौजूद होते हैं। किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को रीनल डाइट का पालन करना पड़ता है। जिससे खून में गंदगी कम हो।
किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती तो इसका मतलब खाने से बची गंदगी फिल्टर नहीं हो पाती। शरीर में अपशिष्ट खून में रह जाते हैं तो इसका असर मरीज़ के इलेक्ट्रोलाइट स्तर पर भी पड़ता है। इसलिए ही डाइट तैयार की जाती है।
सेंधा नमक कम करता है बीपी
सेंधा नमक में मौजूद तत्व ब्लड प्रेशर कम रखने के साथ ही किडनी मरीजों की लाइफ में वृद्धि करते हैं। उन्होंने बताया कि साधारण नमक की अपेक्षा रॉक साल्ट किडनी मरीजों की उम्र भी बढ़ता है। जाहिर सी बात है अगर किडनी मरीज के शरीर में सोडियम की मात्रा संतुलित होगी तो उसकी उम्र भी अपने आप बढ़ेगी।
Published on:
10 Dec 2022 10:46 am

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