29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शबनम की फांसी पर कभी भी आ सकता है फैसला, इस एक वजह से रुक सकता है डेथ वारेंट

Highlights: — पवन जल्लाद को मेरठ ना छोड़ने के निर्देश — अमरोहा की सेशन कोर्ट में आज हो रही सुनवाई — रामपुर की जेल में बंद है इन दिनों हत्यारिन शबनम

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Rahul Chauhan

Feb 23, 2021

shabnam_1.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। अमरोहा के बावनखेड़ी में अपने परिवार के सात लोगों को मौत के घाट उतारने वाली शबनम को फांसी के फंदे पर कब लटकाया जाएगा। इसका फैसला आज या कल में हो जाएगा। वहीं मेरठ निवासी पवन जल्लाद को भी मेरठ नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उसको कभी भी मथुरा से बुलावा आ सकता है। हत्यारिन शबनम की फांसी के डेथ वारंट पर आज यानी 23 फरफरवरीवरी को अमरोहा सेशन कोर्ट में सुनवाई होनी है। सुनवाई के बाद ही सेशन कोर्ट से रिपोर्ट रामपुर व मथुरा जेल को भेजी जानी है। अमरोहा जिला जज की अदालत में उसके केस की रिपोर्ट डीजीसी द्वारा सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि अगर इस रिपोर्ट में कोई भी लंबित याचिका या प्रार्थनापत्र पाया जाता है तो शबनम का डेथ वारंट टल सकता है। वहीं यदि इस रिपोर्ट में कोई दया याचिका न पाई गई तो शबनम का डेथ वारंट जारी हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: पतंग का लालच देकर मासूम को जंगल में ले गए दो किशोर, फिर कुकर्म कर भागे

प्रेमी सलीम के साथ मिलकर परिवार के सात लोगों को मौत के घाट उतारने वाली बावनखेड़ी की खलनायिका शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रामपुर जेल अधीक्षक द्वारा सेशन कोर्ट अमरोहा को भेज दिया है। शबनम इन दिनों रामपुर जेल में बंद है। अब जनपद न्यायालय ने अभियोजन से इस बात का ब्योरा मांगा है कि शबनम के अधिवक्ता द्वारा कोई याचिका तो दाखिल नहीं की गई है या फिर इस मुकदमे से संबंधित कोई मामला विचाराधीन तो नहीं है। सेशन कोर्ट ने इस संबंध में सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तिथि मुकर्रर की थी। लिहाजा इस मामले में सेशन कोर्ट द्वारा सुनवाई कर अग्रिम आदेश जारी किया जा सकता है।

यह भी देखें: पुरानी रंजिश में दो पक्षों में खूनी संग्राम

बता दें कि इस मामले में शुक्रवार को दिल्ली के दो अधिवक्ता रामपुर जेल में शबनम से मिले थे। उन्होंने शबनम की तरफ से राज्यपाल को पुनर्विचार याचिका भेजे जाने की जानकारी दी थी। इसकी एक प्रति जनपद न्यायालय को भी भेजी थी। वहीं पवन जल्लाद को मेरठ जेल अधीक्षक बीडी पांडे ने जनपद में ही रहने के लिए कहा है उसको मेरठ नहीं छोड़ने के आदेश हैं। पवन का कहना है कि उसे मथुरा जेल से निर्देश मिलने का इंतजार है वह शबनम और उसके प्रेमी को फांसी देने के लिए तैयार है।

Story Loader