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मेरठ के इस विवादित बंगले में कार्रवार्इ करने पहुंची टीम का एेसा सदमा लगा…बाला नहीं रही!

दाे साल पहले कार्रवार्इ में दबे थे चार लोग, अब फिर मचा गया था हल्ला- कैंट बोर्ड वाले आ गए

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मेरठ। कार्रवार्इ के लिए कैंट के बंगला नंबर 210 बी में कैंट बोर्ड आैर प्रशासन की संयुक्त टीम जब पहुंची, तो यहां हल्ला मच गया। यहां रह रहे लोगों में खलबली मच गर्इ, इसके बाद शोर मच गया कि कैंट बोर्ड की टीम कार्रवार्इ करने आ गर्इ है। इसी हल्ले में वृद्ध श्रीमती बाला की तबियत खराब हो गर्इ। अासपास के लोग उन्हें हाॅस्पिटल ले गए आैर वहां उन्होंने आखिरी सांस ली। मृतक बाला के बेटे पवन गर्ग ने कहा कि वह बोर्ड के खिलाफ कानूनी कार्रवार्इ करेंगे। उनकी मां की मौत का कारण कैंट बोर्ड है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि महिला की मौत का कारण कैंट बोर्ड की कार्रवाई है। बोर्ड टीम को पहले 210 बी परिसर में रह रहे लोगों को विश्वास में लेना था। इसके बाद व्यापारियों ने हंगामा शुरू कर दिया आैर बोर्ड की कार्रवार्इ को रुकवा दिया। परिसर में जिन लोगों के घर हैं, उनमें से कुछ लोग यहीं की दुकानों पर व्यवसाय भी करते हैं। इन दुकानों पर यहां सील लगाने टीम पहुंची थी।

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विवादित बंगला 210 बी

कैंट में प्राइम जगह पर बंगला 210 बी है। 1994 में यहां बिल्डर आनंद्र प्रकाश अग्रवाल ने प्लाटिंग करनी शुरू कर दी थी। अवैध निर्माण पर कैंट बोर्ड नोटिस देता रहा आैर यहां अवैध निर्माण होते गए। करीब चार साल पहले हार्इकोर्ट ने सभी अवैध निर्माण गिराने के आदेश दिए थेे। यहां करीब एक शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स, 65 कोठियां आैर 20 दुकानें बिना अनुमति के बनी हैं। यहां की दुकानों पर सीलिंग कार्रवार्इ के दौरान यह हंगामा हुआ। जबकि यहां के कुछ लोगों ने अपने पास स्टे होने का दावा किया है।

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मलवे में दब चुके चार लोग

कैंट क्षेत्र का बंगला 210 बी करीब दस एकड़ का है। यहां पूरे बंगले में अवैध निर्माण हैं। इन्हें गिराए जाने के लिए इलहाबाद हार्इकोर्ट ने आदेश भी दे रखा है। करीब दो साल पहले बोर्ड द्वारा अवैध कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की कार्रवार्इ के दौरान चार लोगों की मलवे में दबकर मौत हो गर्इ थी। इसके बाद खासा बवाल भी हुआ था। इसमें कैंट बोर्ड के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

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