
Omicron Effect on Petrol Diesel Rate : आने वाले दिनों में इस स्तर तक जा सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ . Omicron Effect on Petrol Diesel Rate : पिछले काफी समय से देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर चल रही हैं। इसके बाद भी देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर (Per 1 LTR) से ऊपर हैं तो कहीं डीजल भी 95 रुपये प्रति लीटर से अधिक की दरों पर बिक रहा है। इसी बीच वैश्चिक स्तर पर आ रही जानकारी के बीच नए कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन का असर पेट्रोल और डीजल की कीमत (petrol and diesel price) पर पड़ेगा। जिससे दोनों ईंधन के दाम प्रभावित हो सकते हैं।
भारतीय पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल के दामों में तभी कमी या इजाफा होता है जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इनमें कोई बदलाव आए। अधिकारी सूत्रों के अनुसार इन दोनों ईंधनों की कीमतों में तभी बदलाव या और कमी आएगी जबकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय (International) स्तर पर मौजूदा गिरावट के साथ कुछ और दिनों तक बनी रहे। इस समय कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। कोरोना (Corona) की दूसरी लहर की तरह ही ये भी आर्थिक विकास और तेल की कीमतों को प्रभावित करेगा।
जानकारी की माने तो कोरोना के इस नए वैरिएंट से सबसे अधिक प्रभाव अंतराष्ट्रीय तेल की कीमतों (international oil prices) पर पड़ता है। जिससे उसके दाम काफी नीचे आ जाते हैं। घरेलू खुदरा कीमतें 15 दिनों के रोलिंग (rolling) औसत पर तय की जाती हैं। गत नवंबर के दौरान वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें मोटे तौर पर लगभग 80 से 82 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रही। 26 नवंबर को, एशियाई समय तक तेल की कीमतें लगभग 4 अमरीकी डालर प्रति बैरल (USD per barrel) तक गिर गई थीं। बाद में अमेरिकी बाजार के खुलने के बाद, ब्रेंट फ्यूचर्स में भारी बिकवाली के साथ, आईसीई लंदन (ICE London) में कीमतें लगभग 6 अमेरिकी डॉलर की गिरावट के साथ 72.91 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुईं।
नए कोरोना वैरिएंट से तेल की कीमतों पर फिर से असर
अब नए कोरोना वैरिएंट से तेल की कीमतों पर फिर से असर पड़ेगा। जिससे कीमतें बढ़ने के स्थान पर और गिरेंगी। यानी देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में और कमी आएगी। इसका कारण अंतराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की मांग (fuel demand) में कमी से तेल की कीमतों में गिरावट बताया जा रहा है। गिरावट से स्वाभाविक उम्मीद यह है कि खुदरा पंप दरों में भी कमी आएगी। अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें पिछले दो माह से सीमित हैं। सूत्रों के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) में तेल की दरों में गिरावट कुछ और दिनों तक बनी रही तो, घरेलू स्तर में तेल की खुदरा कीमतों में जबरदस्त कमी देखने को मिल सकती है।
Published on:
16 Dec 2021 09:22 am

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
