UP Budget 2018 : उद्यमियों आैर स्टूडेंट्स को योगी सरकार से बहुत उम्मीदें

sanjay sharma

Publish: Feb, 15 2018 10:05:37 PM (IST) | Updated: Feb, 16 2018 01:50:35 PM (IST)

Meerut, Uttar Pradesh, India
UP Budget 2018 : उद्यमियों आैर स्टूडेंट्स को योगी सरकार से बहुत उम्मीदें

उद्यमियों को ट्रांसपोर्ट आैर सुरक्षा की परेशानी, स्टूडेंट्स चाहते हैं उन्हें मिले रोजगार

 

मेरठ। यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से वैसे तो हर वर्ग ने काफी उम्मीद लगा रखी है, लेकिन उद्यमी आैर स्टूडेंट्स ने इस बजट को लेकर खासे उत्साहित हैं। उद्यमियों को इस समय मेरठ को जोड़ने वाली सड़कों आैर सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा चिंता है। पिछले दो महीने से जनपद में जिस तरह से ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाएं हुर्इ हैं, उससे उद्यमी आैर व्यापारी बहुत चिंतित हैं। इनका कहना है कि इंडस्ट्रीज में भय है आैर सुरक्षा चाहती है। इसी तरह स्टूडेंट्स भी प्रोफेशनल काेर्स या ग्रेजुएशन के बाद अपने प्रदेश में ही नौकरी चाहते हैं। स्टूडेंट्स का मानना है कि योगी सरकार ने आने वाले समय में काफी नौकरी देने का वादा कर रखा है, हो सकता है इसकी शुरुआत बजट से ही हो जाए।

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उद्यमी हैं डरे हुए

मेरठ का अधिकतर इंस्ट्रियल एरिया दिल्ली रोड पर परतापुर थाना क्षेत्र में आता है। शहर का परतापुर थाना क्षेत्र पिछले दो महीने से रोजाना सबसे ज्यादा क्राइम वाला क्षेत्र बना हुआ है। उद्यमी दहशत में हैं। अखिलेश सरकार ने चौथे आंशिक बजट में सुरक्षा पर 100 करोड़ का बजट रखा था, इसके बावजूद मेरठ के उद्यमी खुद को सुरक्षित नहीं मानते। आर्इआर्इए अध्यक्ष अतुल भूषण गुप्ता का कहना है कि पिछली सरकारों ने वादे बहुत किए, लेकिन काम कुछ नहीं किया। बड़ी-बड़ी कंपनियों के लोग मेरठ में बेहतर ट्रांसपोर्ट आैर सड़कें नहीं होने की वजह से यहां नहीं आना चाहते। इसी तरह शाम होते ही उद्यमी खुद को सुरक्षित नहीं मानते, जबकि इंडस्ट्रियल एरिया में थाना खुलना चाहिए।

इन्हें चाहिए रोजगार

स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल काेर्स आैर बेराेजगारी के दिन देख रहे युवा बजट में नर्इ नौकरियां चाहते हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले विकास तनेजा फाइनल सेमेस्टर है। उसका कहना है कि रिजल्ट आने के बाद उसे दिल्ली में ही कहीं जाॅब ढूंढ़ना होगा, क्योंकि यूपी में कोर्इ स्काॅप नहीं है।यूपी सरकार बार-बार युवाआें को काफी नौकरी की बात तो करती है, लेकिन अभी एेसा कुछ हुआ नहीं है। एमआर्इर्इटी से बीटेक कर रही स्मृति का कहना है कि मेरठ में पढ़ार्इ के लिए सुविधाएं हैं, लेकिन नौकरी के लिए मेरठ छोड़ना पड़ेगा। दिल्ली में जाॅब लग जाती है, तो परिवार के लोग अकेले रहने नहीं देंगे। उसका कहना है कि अगर उन्हें यहीं पर जाॅब मिल जाए, तो अच्छा होगा, लेकिन एेसा हाेता नहीं है। बजट में क्या होता है, देखने वाली बात है।

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