
UP Sugar Mill Review Meeting : उप्र चीनी मिले बनाएगीं फार्म मशीनरी बैंक, किसानों को सब्सिडी पर मिलेगे कृषि यंत्र
UP Sugar Mill Review Meeting गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने आज गन्ना संस्थान में प्रदेश समस्त चीनी मिलों के प्रधान प्रबन्धकों/यूनिट हेड के साथ चीनी मिलों द्वारा कृषकों को वितरित किये जा रहें कृषि यंत्रों पर अनुदान के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के फसलों के बुवाई कटाई करने में काफी मेहनत एवं कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह सभी कार्य आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से काफी सरल हो जायेंगे।
इसके साथ ही कृषि कार्य हेतु किसानों को पांच लाख रूपयें तक अनुदान प्रदान किया जाय। जिसकी अदायगी दो वर्ष तक ब्याज रहित हो एवं कटौती गन्ना मूल्य भुगतान से की जाय। यह निर्देश भी प्रदेश के गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने लखनऊ में गन्ना संस्थान में प्रदेश समस्त चीनी मिलों के प्रधान प्रबन्धकों/यूनिट हेड के साथ चीनी मिलों द्वारा कृषकों को वितरित किये जा रहें कृषि यंत्रों पर अनुदान के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान दिये।
गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि चीनी मिलें प्रदेश के किसानों के गन्ना खेती के लिए उपयोगी यंत्र उपलब्ध करा उन्हें अधिक से लाभ पहुँचायें। चीनी मिलों द्वारा गन्ना खेती के लिए उपयोगी यंत्र 47 प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। जिनमें किसानों को दराती से लेकर ट्रेक्टर तक मशीनरी एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। इनमें बड़ा ट्रेक्टर, ट्रेंच ओपनर, ट्रेंच प्लांटर, एफआरवी प्लांटर, पावर स्प्रेयर, बड कटर, मल्चर, ड्रप सिस्टम, लाइन कल्टीवेटर, कुदाल, हजारा, रैटून मैनेजर आदि यंत्र सामिल हैं। जिससे न केवल गन्ना किसानों को गन्ने की खेती के लिए निःशुल्क मूलभूत सुविधायें उपलब्ध हो सकेंगी बल्कि मशीनरीकरण से कम लागत में अधिकतम उत्पादन प्राप्त हो सकेगा और उनकी आमदनी मे भी बढ़ोत्तरी होगी। बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव चीनी एवं गन्ना विकास विभाग संजय आर0 भूसरेड्डी ने बताया कि मवाना, राणा, आईपीएल, डालमिया, बलरामपुर, डीसीएम श्रीराम, त्रिवेणी, बिड़ला, धामपुर समूहों द्वारा तथा अगवानपुर, पीलीभीत, सेवरही एकल मिलों द्वारा कृषि यंत्रों के वितरण पर मिल की ओर से अनुदान भी दिया जा रहा है ।
उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा भी कृषि यंत्रों के वितरण पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। अन्य चीनी मिल समूहों एवं मिलों द्वारा चीनी मिल के माध्यम से कृषकों को यंत्रों की उपलब्धता लोेन पर करायी जा रही है अथवा मिल द्वारा बुआई के समय बुआई कार्य हेतु निःशुल्क दिया जाता जाता है और बुआई कार्य संपन्न होने के उपरान्त वापस ले लिया जाता है। भूसरेड्डी ने बताया कि इस वर्ष निजी चीनी मिल समूहों द्वारा कुल 348.67 लाख एवं निगम क्षेत्र की चीनी मिल द्वारा कुल 40.13 लाख का अनुदान दिया जा चुका है।
Updated on:
15 Sept 2022 07:35 pm
Published on:
15 Sept 2022 07:32 pm
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