
छत्रपति शिवाजी जयंती पर आज एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिवाजी महाराष्ट्र के शासक थे। उनकी वीरता को रोज़ याद किया जाता है। लेकिन जयंती के दिन पूरे देशभर में आयोजन किया जाता है।
शिवाजी के बलिदान और वीरता को नमन करने के लिए इसको मनाया जाता है। इस दौरान मुख्य अतिथि विकल्प सिंह ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा दायक है। शिवाजी के शासन काल की कई चीजें आज की सरकारों के लिए एक सीख है।
आज के समय में शिवाजी के सिद्धांत और विचार लागू
विकल्प सिंह ने शिवाजी महाराज के बारे में गहन अध्ययन किया है। उन्होंने शिवाजी पर लिखित किताब शिवाजी और सुराज का संदर्भ देते हुए कहा कि आज के समय में शिवाजी के सिद्धांत और विचार लागू होते हैं।
मिसाल के तौर पर सुशासन, जवाबदेही और स्वराज्य जैसे सिद्धांत शिवाजी के लिए सर्वोपरि थे।
उनके मुताबिक एक राजा में यह पांच गुण होने बेहद जरूरी हैं। इन पांच गुणों में. अनुशासन प्रिय, योजना बनाने वाला, शालीन, साधारण आचरण और संवेदनशीलता।
महाराज शिवाजी जिस तरह से अपना शासन करते थे वो काफी हद तक हमारे आज के लोकतांत्रिक ढांचे पर थे। उनकी ऐसी व्यवस्थाएं थी जो आज हमारी वर्तमान सरकार में मौजूद है। न्याय को लेकर शिवाजी काफी स्पष्ट थे।
उनके हिसाब से न्याय में देरी, न्याय न मिलने के समान था। इसलिए उन्होंने पंचरत्न की स्थापना की जो न्याय को जल्द देने में सक्षम होते थे। इसके अलावा स्वदेशी सामान का बहुत आदर करते थे। मानते थे कि भ्रष्टाचार मुक्त अर्थव्यवस्था सफलता पा सकती है।
शिवाजी महाराज का जीवन यदि एक लाइन में समेटना हो तो यही कहा जाएगा, ‘इज्ज़त कमाई जाती है, ईमानदारी सराही जाती है, भरोसा जीता जाता है और वफादारी लौटाई जाती है’।