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मेरठ में पुलिस बर्बरता पर सियासी घमासान! अखिलेश यादव और विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई की उठाई मांग

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान का अपमान देश का अपमान है।
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Akhilesh Yadav

अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

Meerut SSP Controversy Digvijay Bhati: दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन से जुड़े विवाद के बाद मेरठ पुलिस एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। समाजवादी पार्टी से जुड़े किसान नेता दिग्विजय भाटी ने एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश गौर पर हिरासत में बर्बर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले ने सियासी रंग ले लिया है और विपक्षी नेताओं ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हाथ-पैर बांधकर डंडों और फट्टों से थर्ड डिग्री देने का आरोप

भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि 19 अगस्त को वे अपने साथी मोहित जाटव के साथ एसएसपी कार्यालय गए थे। वे ललिता गौतम मामले में दर्ज मुकदमों में अपना नाम हटवाने और निष्पक्ष जांच की मांग करने गए थे। भाटी के अनुसार, बातचीत के दौरान एसएसपी ने आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और गाली-गलौज की। विरोध करने पर उन्हें चैंबर में ले जाकर लात-घूंसों और जूतों से करीब डेढ़ घंटे तक पीटा गया। बाद में उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां इंस्पेक्टर अखिलेश गौर और उनकी टीम ने हाथ-पैर बांधकर डंडों और फट्टों से थर्ड डिग्री दी। भाटी का दावा है कि उनकी आंख से खून निकलने लगा और आंख में गंभीर चोट आई। उन्होंने सोशल मीडिया पर चोटों का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें सूजी हुई आंख और शरीर पर चोट के निशान दिख रहे हैं।

थप्पड़ कांड को लेकर पहले भी चर्चा में आए थे SSP अविनाश पांडेय

इससे पहले जुलाई में भी एसएसपी अविनाश पांडेय ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान थप्पड़ कांड में चर्चा में आए थे, जब उनके बंदी वाहन में प्रदर्शनकारी रवि गौतम को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ था।

अखिलेश यादव ने कार्रवाई की उठाई मांग

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान का अपमान देश का अपमान है। भाजपा सरकार ने किसान नेताओं के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का कुकृत्य किया है, जो अक्षम्य है। अखिलेश ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की। अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पुलिस की ज्यादती बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

SSP अविनाश पांडेय पर गिरी गाज

इस बीच, एसएसपी अविनाश पांडेय को मेरठ से हटाकर लखनऊ पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि भाटी और जाटव हिस्ट्रीशीटर हैं और कई मुकदमे दर्ज हैं। वे कार्यालय से लौटते समय स्कूटर गिरने से घायल हुए। मामले की जांच एडीजी मेरठ के निर्देश पर सहारनपुर डीआईजी को सौंपी गई है।