
Waqf Bill: शाहजेब रिजवी का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद के 10 विधायकों को जिताने में मुसलमानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने पार्टी को मुख्यधारा में लाने में अहम योगदान दिया, लेकिन जब मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा की बात आई तो जयंत चौधरी पीछे हट गए।
रिजवी का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल समुदायों के बीच विभाजन पैदा करेगा, और इस पर जयंत चौधरी को मुसलमानों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने इसके बजाय बिल का समर्थन कर दिया, जिससे मुस्लिम समाज में नाराजगी है।
शाहजेब ने यह भी कहा कि जयंत चौधरी अब अपने दादा, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के दिखाए मार्ग से भटक गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मुसलमान इस फैसले को लेकर आने वाले चुनावों में जवाब देंगे। इसी नाराजगी की वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।
हालांकि, रालोद के संगठन प्रदेश महासचिव और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रवक्ता आतिर रिजवी ने शाहजेब के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शाहजेब सिर्फ छह महीने पहले पार्टी से जुड़े थे और इस दौरान किसी भी बड़े कार्यक्रम में उनकी भागीदारी नहीं रही। इतना ही नहीं, उनके पास कोई आधिकारिक पद भी नहीं था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि रालोद और जयंत चौधरी इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं और मुस्लिम मतदाता आने वाले चुनावों में किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।
Updated on:
04 Apr 2025 08:52 pm
Published on:
04 Apr 2025 08:35 pm

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
