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पश्चिमी यूपी के किसानों ने बनाई हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादन कंपनी, मंत्री बालियान ने किया उद्धाटन

Harit Pradesh Milk Production Company पश्चिमी यूपी के 17,000 डेयरी किसानों द्वारा बनाई गई और स्वामित्व वाली संगठन 'हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी' का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान द्वारा आज किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह संगठन देश में दुग्ध उत्पादन का एक बड़ा संगठन बनेगा और देश की सबसे बड़ी दूध कंपनी आमूल को टक्कर देगा।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

May 22, 2022

पश्चिमी यूपी के किसानों ने बनाई हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादन कंपनी, मंत्री बालियान ने किया उद्धाटन

पश्चिमी यूपी के किसानों ने बनाई हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादन कंपनी, मंत्री बालियान ने किया उद्धाटन

Harit Pradesh Milk Production Company केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने आज पश्चिमी यूपी के 17,000 से अधिक दूध उत्पादकों के स्वामित्व वाली इकाई 'हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी' (HPMPC) का उद्घाटन करते हुए कहा की सरकार किसानों द्वारा खुद का संगठन बनाने की पहल में उनका समर्थन करेगी। उन्होंने क्षेत्र के सात जिलों के किसानों को सशक्तिकरण और उद्यमिता के अर्थ को सही मायने में प्रदर्शित करने के लिए बधाई दी। डॉ. बालियान ने कहा कि सरकार एचएमपीपीसी को इस प्रकार वर्णित करने वाली पहलों का समर्थन करेगी, "यह एक नयी सहकारी संस्था की तरह है। यह एक कंपनी नहीं बल्कि वास्तव में यह एक किसान संगठन है। इसमें राजनीति या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसी संस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा जिससे की वे हैं किसानों के हित में काम करें।"

सरकार का ध्यान देशी दूध देने वाले पशुओं से उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर है और इस उद्देश्य के लिए पूरे देश में किसानों को मुफ्त में कृत्रिम गर्भाधान प्रदान किया जाएगा। सरकार 4500 पशु चिकित्सा एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराएगी, जिनमें से एक बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश की होगी, डॉ. बालियान ने कहा।
राज्य के किसानों के उत्थान के लिए उत्तर प्रदेश में ऐसी चार अन्य संस्थाओं - वाराणसी, अमेठी, रायबरेली और बुंदेलखंड की सुविधा के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की सराहना करते हुए डॉ. बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान कृषि क्षेत्रों के विकास पर है। जहां बजटीय आवंटन 2014 में 22000 करोड़ रुपये से 132,000 करोड़ रुपये है। दूध पशुओं की स्वदेशी नस्लों की उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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अपने सदस्यों/शेयरधारकों से गुणवत्तापूर्ण दूध प्राप्त करने के उद्देश्य से एचपीएमपीसी कि स्थापना 26 अक्टूबर, 2021 को किया गया। यह पहल कंपनी अधिनियम, 2013 में निहित प्रावधानों के आधार पर है जिसमें व्यावसायिक उद्यम को सहकारिता के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन द्वारा अपनाए गए सिद्धांतों के समान पारस्परिक सहायता सिद्धांतों पर चलने में सक्षम बनाता है। इस अवसर पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, सांसद विजय पाल सिंह तोमर, सांसद भोला सिंह, सांसद कान्ता कर्दम, सांसद प्रदीप कुमार चौधरी के अलावा मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह उपस्थित थे। जिन्होंने इस अवसर पर सराहनीय सामूहिकता और उद्यमी पहल के लिए क्षेत्र के दुग्ध किसानों की भरपूर प्रशंसा की।

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