
मेरठ। पांच साल पहले हुए निकाह के बाद दंपती के बेटा और बेटी हैं। ससुराल वालों ने पंचायत बुलाकर पति से पत्नी को तीन तलाक दे दिया। इसके बाद पति ने तो उसे घर से निकाला ही, मायके वालों ने भी उसे नहीं रखा। फिलहाल वह दिल्ली में रिश्तेदार के यहां रह रही है।
महिला को पता चला कि उसका पति दूसरी शादी कर रहा है तो वह नौचंदी थाने पहुंची और इसकी लिखित शिकायत की। साथ ही महिला ने सुप्रीम कोर्ट में अपने पति, जेठ, पंचायत के तीन प्रमुख पंच, राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है। महिला का कहना है कि गलत तरीके से झूठे साक्ष्य तैयार कराकर उसे उसके पति व बच्चों से अलग किया जा रहा है।
पुलिस को महिला आयशा ने बताया कि उसकी शादी साल 2014 में हुई थी। एक बेटी और एक बेटा है। उसके बाद दोनों के बीच हुए विवाद में नौबत तीन तलाक तक आ गई। 17 जून को ससुराल वालों ने पंचायत बुलाकर तीन तलाक दिला दिया। महिला का कहना है कि उसका पति उसके साथ रहना चाहता है, लेकिन ससुराल वाले उनकी दूसरी शादी करा रहे हैं। आयशा ने सुप्रीम कोर्ट में तलाक संबंधी याचिका डाली है।
Published on:
05 Sept 2019 09:15 pm

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