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योगी राज में पहली बार हुआ एेसा, इनके पहुंचते ही ‘बड़ों’ में मच गया हड़कंप

अफसरों ने दी थी कर्इ बार चेतावनी, मेरठ क्षेत्र के आैद्योगिक प्रतिष्ठानों पर सबसे बड़ी कार्रवार्इ  

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मेरठ। यहां कभी एेसा नहीं हुआ, जो याेगी राज में हो गया। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के बारे में पढ़कर हैरत में पड़ जाएंगे। बिजली चोरी पकड़ने के इस बड़े अभियान में हर जनपद में विभागीय टीम को बिजली चोर मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि बिजली चोरी पकड़ने का अभियान मेरठ क्षेत्र के जनपदों के आैद्योगिक क्षेत्रों में भी चला है। यहां कभी भी बिजली चोरी पकड़ने का अभियान नहीं चला। विभागीय टीम ने कुल 75 औद्योगिक घरानों में छापेमारी की। इनमें 18 बड़े उपभोक्ताओं के यहां सीधे विद्युत चोरी पायी गई। पीवीवीएनएल के एमडी आशुतोष निरंजन के निर्देशन में विद्युत चोरी रोको विशेष चेकिंग अभियान के तहत जिन क्षेत्रों में लाइनलाॅस 40 प्रतिशत है, उनको 25 प्रतिशत पर लाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर उन वितरण खण्डों के अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर खास नजर

एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि बिजली चोरी और लाइनलॉस को रोकने के लिए विभाग ने अब औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निशाने पर लिया है। इसके तहत अब तक 75 बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर की गई छापेमारी के दौरान 18 प्रतिष्ठानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई। इन सभी के खिलाफ विभाग की तरफ से संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। इनमें मेरठ क्षेत्र में आने वाले जनपदों मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, नजीबाबाद, सम्भल में विभागीय एवं विजिलेंस की संयुक्त टीमों को चेकिंग पर लगाया गया है।

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अभियान के लिए यह व्यवस्था

इसके लिए गठित रेड टीम में दो विभागीय या संविदा लाइन स्टाफ, पुरुष व महिला होमगार्ड शामिल हैं। प्रत्येक रेड टीम को जीपीएस युक्त वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। रेड टीम के गठन का उत्तरदायित्व सम्बन्धित एक्सर्इएन का होगा। खण्ड के एक्सर्इएन द्वारा रेड टीमों का मासिक रेड कार्यक्रम बनाया जायेगा। जिस दिन जिस अवर अभियन्ता के क्षेत्र में रेड का कार्यक्रम होगा। उस दिन अवर अभियन्ता रेड टीम का नेतृत्व करेगा। मासिक रेड कार्यक्रम इस प्रकार से बनाया जायेगा कि खण्ड मे तैनात समस्त अवर अभियन्ता के क्षेत्र आच्छादित हो जाये। समस्त की गयी रेड्स की दैनिक रिपोर्ट रेड मैनेजमेन्ट पोर्टल में नियमित रूप से दर्ज की जाएगी।

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