मिर्ज़ापुर. इंसानियत आज भी कायम है। यह तब देखने को मिला जब एक बेजुबान को बचाने के लिए लोगों ने जान की बाजी लगा दी। घंटो मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे कुएं से बाहर निकाल लिया। घटना देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के भोरसर गांव की है। जहां स्थित पण्डित काशीनाथ शुक्ला के कुएं के पास एक कुत्ता प्लास्टिक के डब्बे को देख खाने के लालच में उसके अंदर मुंह डालने की कोशिश करने लगा। उसका गला डब्बे में फंस गया। डब्बे के कारण उसे कुछ भी दिखाई नहीं दिया और वह इधर उधर भागने लगा। इसी दौरान वहीं पास स्थित गहरे कुएं में जा गिरा। संयोग की बात है कि कुआं सूखा था। उसे कुएं में गिरता देख ग्रामीण परेशान हो गए। कुएं से आती उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण परेशान हो गए। ग्रामीणों ने कुएं उसे कुएं से निकालने के लिए राहत एवं बचाव को अभियान छेड़ दिया।
रस्सी के सहारे कुएं में उतरा युवक
गांव का ही एक युवक रस्सियों के सहारे गहरे कुएं में उतरा। उसने कुत्ते को किसी तरह रस्सी से बंधा। काफी कोशिश के बाद उसे रस्सी के सहारे जिंदा बाहर निकाला जा सका।
जैसे-तैसे गले से निकाला प्लास्टिक का डब्बा
कुएं से बाहर निकालने के बाद ग्रामीणों ने उसकी गर्दन में फंसा प्लास्टिक का डब्बा जैसे-तैसे बाहर निकाला। तब जा कर उसकी जान बच पाई। ग्रामीणों के अनुसार इसका नाम जगीरा है, यह गांव मे खाने के चक्कर मे इधर-उधर घूमता रहता है। इस बार खाने के चक्कर मे ही फंस गया।
By: सुरेश सिंह