
Rath Yatra 2020
नई दिल्ली। तमाम उठापटक और गहन विचार के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पुरी में आयोजित होने वाली रथा यात्रा (Rath Yatra) की अनुमति दे दी थी। हालांकि तमाम शर्तों के साथ इस बार रथ उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रथ खींचने के लिए महज 500 लोगों को ही इजाजत दी गई है। जबकि भक्तों को वहां शामिल होने की अनुमति नहीं है। रथ खींचने में शामिल होने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच की गई। इसमें जगन्नाथ मंदिर (Jagnnath Temple) का एक सेवादार कोविड—19 पॉजिटिव पाया गया। इस बात की जानकारी मिलते ही उसे रथ यात्रा में हिस्सा लेने से मना कर दिया गया।
रथ यात्रा के चलते पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की अनुमति नहीं है। वे अपने घरों से ही टीवी पर रथयात्रा का सीधा प्रसारण देख सकते हैं। मालूम हो कि 2500 साल में ऐसा पहला मौका है जब रथयात्रा में भक्त शामिल नहीं होंगे। कोविड-19 महामारी के बीच रथयात्रा का जश्न मनाने के दौरान उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन हो इसके लिए प्रशासन लगातार कोशिश कर रही है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार बुधवार दोपहर दो बजे तक ‘‘कर्फ्यू जैसा’’ बंद लागू रहेगा। साथ ही पुलिस बल की 50 से अधिक प्लाटून तैनात की जा रही हैं। एक प्लाटून में 30 कर्मी शामिल होंगे।
बॉर्डर किए गए सील
स्थानीय प्रशासन के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन हो इसकी पूरी कोशिश की जा रही है। रथ यात्रा में बाहरी एवं स्थानीय लोगों का प्रवेश रोकने के लिए पुरी के सभी बॉर्डर को सील कर दिए गए हैं। यात्रा तैयारियों से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य किसी वाहन को आवागमन की अनुमति नहीं है। मुख्य सचिव अजय त्रिपाठी और पुलिस महानिदेशक के अतिरिक्त राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी रथयात्रा की तैयारियों का जायजा लेने पुरी पहुंच गए हैं।
Published on:
23 Jun 2020 12:14 pm
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