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1986 – उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम हुआ लागू

24 दिसम्बर 1986 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहल पर उपभोक्ता संरक्षण विधेयक संसद ने पारित किया गया

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जयपुर

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Sunil Sharma

Aug 12, 2017

1986 - consumer protection act

1986 - consumer protection act

आज के समय में आम नागरिक जमाखोरी, कालाबाजारी, मिलावट, बिना मानक की वस्तुओं की बिक्री, अधिक दाम, गारन्टी के बाद सर्विस नहीं देना, हर जगह ठगी, कम नाप-तौल इत्यादि संकटों से घिरा है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 आम नागरिक ने इन सभी परेशानियों से बचाने में मदद करता है।

ग्राहकों की हितों की रक्षा के लिए 24 दिसम्बर 1986 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहल पर उपभोक्ता संरक्षण विधेयक संसद ने पारित किया गया और उसके बाद राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित होने के बाद देशभर में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू हुआ था। इस अधिनियम में बाद में 1993 व 2002 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए थे। इस अधिनियम के अधीन पारित आदेशों का पालन न किए जाने पर धारा 27 के अधीन कारावास व दण्ड तथा धारा 25 के अधीन कुर्की का प्रावधान किया गया है।

1986 - राष्ट्रीय शिक्षा नीति

भारत में शिक्षा के स्तर में सुधार करने और उसे आगे तक ले जाने के लिए भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मई 1986 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE) का गठन किया था। इस नीति को लागू करने का उद्देश्य समाज में फैली असमानतों को दूर करने और शैक्षिक अवसरों को लाभ प्राप्त करने के लिए लागू किया गया था। इस नीति को विशेषकर भारतीय महिलाओं, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजातियों समुदायों के लिए के विकास के लिए लागू किया गया था। NPE ने बच्चों की प्राथमिक शिक्षा को केन्द्रित करते हुए देशभर की प्राइमरी स्कूलों में आॅपरेशन ब्लैकबोर्ड चलाया गया था।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 18—22 सितंबर 1986 को विश्व को दूसरा टाई मैच खेला गया था

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साल 1986 में 18 से 12 सितंबर के बीच चेन्नई के चेपक स्टेडियम में बहुत ही interesting टेस्ट मैच खेला गया था। यह मैच विश्व क्रिकेट इतिहास का दूसरा ऐसा टेस्ट मैच था जो कि टाई हुआ था। इस मैच में ऑस्ट्रेलियन टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए DC Boon (122) और AR Border (106) के शतकों और DM Jones (210) के दोहरे शतक की बदौलत पहली पारी में 574/7d बनाए थे। जिसके जवाब में टीम इंडिया ने कप्तान कपिल देव की शतक की मदद से 397 रन बना सकी थी।

इसके बाद ऑस्ट्रेलियन टीम ने दूसरी पारी में 5 विकेट पर 170 रन बना पारी घोषित कर दी थी। इस तरह मेहमान टीम ने भारत के सामने जीत के लिए 348 रन का लक्ष्य रखा था लेकिन पूरी भारतीय टीम 347 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी और इस तरह यह मैच टाई हो गया था।


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