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Elephant attack: हाथी ने युवक को सूंड से उठाकर पटका, फिर छोडक़र चला गया जंगल की ओर, ऐसी हो गई हालत

Elephant attack: हाथी के सामने अचानक आ गया था युवक, हमले में बाल-बाल बच गई युवक की जान, अस्पताल में कराया गया भर्ती
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Elephant attack

Injured young man (Photo- Patrika)

प्रतापपुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सरहरी गांव के सलया-घुटरी क्षेत्र में शुक्रवार की शाम 5.30 बजे उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब अचानक जंगल से एक हाथी गांव की ओर आ गया। हाथी को देखते ही मौके पर मौजूद ग्रामीण जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरातफरी के बीच एक युवक हाथी के सामने आ गया। हाथी ने उसे उठाकर जमी पर पटक (Elephant attack) दिया और उसी हालत में छोडक़र जंगल की ओर चला गया। हालांकि युवक की जान बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथी बांस की झाडिय़ों में छिपा था। इसी दौरान ग्राम सरहरी निवासी विकास पिता अजय 22 वर्ष अचानक हाथी के सामने पहुंच गया। हाथी ने युवक को सूंड से पटक (Elephant attack) दिया। गनीमत यह रही कि कुछ ही क्षण बाद हाथी युवक को छोडक़र जंगल की ओर भाग गया, जिससे उसकी जान बच गई।

हाथी के हमले में युवक के सिर में गंभीर चोट, एक तरफ का जबड़ा टूटने, दांत टूटने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति (Elephant attack) को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया।

यहां उसका इलाज जारी है। घटना (Elephant attack) की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग द्वारा पीडि़त परिवार को तत्कालीन सहायता राशि उपचार के लिए प्रदान की गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि इलाज पूर्ण होने के बाद शासन के नियमों के तहत शेष मुआवजा राशि भी दी जाएगी।

Elephant attack: इस इलाके में हाथियों का डेरा

बीते कई दिनों से प्रतापपुर-सोनगरा क्षेत्र में जंगली हाथियों (Elephant attack) का डेरा जमा हुआ है। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त, हाथियों की सतत निगरानी और चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और जनहानि से बचाव हो।

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