
1992 - satyajit ray
फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है ऑस्कर अवॉर्ड। इस अवार्ड को लेने के लिए फिल्मकार, कलाकार, तकनीशियन, लेखक अपना बेहतर से बेहतर हुनर आजमाते हैं। भारत में सबसे पहले ऑस्कर अवार्ड मशहूर दिवंगत फिल्मकार सत्यजीत रे को मिला। 1992 में सत्यजीत रे स्वास्थ्य समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती करवाए गए। उनका स्वास्थ्य दिनों-दिन बिगड़ता जा रहा था। इसी बीच ऑस्कर एकेडमी से उन्हें फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि उनका चयन मानद् ऑस्कर अवार्ड के लिए किया गया है। उनके निधन के महज 24 दिन पहले बीमारी की अवस्था में उन्हें ऑस्कर अवार्ड सौंपा गया। रे को भारत सरकार की तरफ से पदम विभूषण और भारत रत्न का सम्मान भी दिया गया।
सत्यजीत रे की सबसे मशहूर फिल्मों में पथेर पंचाली (1955), चारुलता (1964), अपुर संसार (1959), अपराजितो (1956), द म्युजिक रूम (1958) शामिल हैं। बता दें कि सत्यजीत रे भारत के इकलौते ऐसे शख्स हैं जिन्हें मानद् ऑस्कर अवार्ड दिया गया है। इसके अलावा भानु अथिया को गांधी फिल्म के लिए बेस्ट कॉस्टयूम डिजाइन का ऑस्कर अवार्ड 1983 में मिला था। 2009 में आई मूवी स्लमडॉग मिलेनियर के लिए ए आर रहमान और रेसुल पूकुट्टी को ऑस्कर अवार्ड मिल चुका है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना सेबी अधिनियम 1992 के तहत 12 अप्रैल 1992 में हुई। यह देश में प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है। वैसे इसकी स्थापना 1988 में कर दी गई थी, लेकिन वैधानिक दर्जा और अधिकार 1992 में प्राप्त हुआ। आज सेबी एक स्वायत्त संस्था के रूप में काम करती है यानि की इसे अपने कामकाज या निर्णयों के लिए सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
वर्तमान में इसका मुख्य कार्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और शेयर बाजारों का नियमन करना है। स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े लोगों और म्यूचुअल फण्ड निवेश योजनओं को पंजीकृत करना, उनके कार्यों का नियमन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड करता है।
Published on:
13 Aug 2017 07:46 am
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