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बिहार: बाढ़ से 56 लोगों की मौत, पटना में चारों तरफ हाहाकार

बिहार में कुदरत के कहर से राहत की उम्‍मीद नहीं मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित

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नई दिल्‍ली। बिहार में भारी बारिश कुदरत का कहर बनकर आया है। अभी तक 56 लोगों की मौत बाढ़ की वजह से हो चुकी है। मंगलवार को लोगों को भारी बारिश और बाढ़ से राहत की कोई उम्‍मीद नहीं है। मौसम विभाग ने आज के लिए 14 जिलों में अलर्ट घोषित किया था। बिहार की राजधानी पटना में जिन इलाकों में पानी भरा वहां लोगों के लिए एक-एक दिन मुश्किलों का पहाड़ लेकर आने वाला साबित हो रहा है।

मंगलवार को भी बिहार के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। जिन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है उनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, बांका, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, दरभंगा, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, वैशाली और मुंगेर शामिल है। जबकि पटना, गोपालगंज, शेखपुरा, चंपारण, सीवान समेत बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

पटना और दरभंगा के स्कूल बंद हैं। बिहार में अलग-अलग हादसों में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। राजधानी पटना के कई इलाकों में मकानों की पहली मंजिल आधे से ज्यादा डूब चुकी है। सड़कों पर नाव चल रही है।

लगातार हो रही बारिश के कारण पटना में ट्रैक पर पानी जमा है। रविवार को भी 13 ट्रेनें रद्द हुईं। आज भी खतरा बना हुआ है। पटना का ये हाल सिर्फ दो दिनों की बारिश में हुआ। जहां गाड़ियां फर्राटा भरती थीं। वहां या तो नाव तैर रही हैं या पानी में आधे डूबे लोग चल रहे हैं।

पटना के राजेंद्र नगर की स्थिति काफी भयावह है। पिछले 3 दिनों से हो रही बारिश से इतना पानी इस इलाके में जमा हो गया है कि लोगों ने कभी सपने में नहीं सोचा था। 1996-97 में राजेंद्र नगर में नाव चली थी।1975 में पटना में जो बाढ़ आई थी ठीक वैसा ही नजारा राजेंद्र नगर में दिख रहा है।