
भारत में एक साल में एक व्यक्ति 50 किलो खाना बर्बाद कर देता है
नई दिल्ली। खाने की बचत को लेकर भारत में बचपन से सीख दी जाती है। इसके बावजूद भारतीय घरों में हर साल प्रति व्यक्ति करीब पचास किलोग्राम खाना व्यर्थ जाता है। यूनाइटेड नेशनंस एनवायर्नमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) की फूड वेस्ट इंडेक्स रिपोर्ट 2021 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट गुरुवार को जारी की गई। इसमें कहा गया कि दुनिया में हर साल करीब 931 मिलियन (93.10 करोड़) टन खाना वेस्ट जाता है। यह दुनिया के कुल खाने का करीब 17 फीसदी है। घरों, संस्थानों, रिटेल आउटलेट्स और रेस्टोरेंट्स में खाना बेकार जाता है। घरों में सबसे अधिक खाना फेंका जाता है। दक्षिणी एशिया में भारत में बर्बाद होने वाले खाने का औसत 50 किलो प्रति व्यक्ति है।
गंभीरता से करना होगा विचार -
यूएनईपी के कार्यकारी निदेशक इनगर एंडरसन ने कहा, खाद्य अपशिष्ट कम करने से गैस उत्सर्जन में कमी आएगी। प्रदूषण के माध्यम से प्रकृति का विनाश धीमा होगा। भोजन की उपलब्धता बढ़ेगी और पैसे की बचत होगी। हमें गंभीरता से विचार करना होगा।
69 करोड़ लोग भूख से प्रभावित-
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार 2019 में लगभग 69 करोड़ लोग भूख से प्रभावित हुए। कोरोना महामारी के कारण यह आंकड़ा बढऩे के आसार हैं। यूएनईपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि खाना व्यर्थ करने का संबंध आमदनी से नहीं है। करीब-करीब हर देश में यह बर्बादी हो रही है।
Published on:
06 Mar 2021 09:29 am

