
Farmers protest bauxite mine (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। मैनपाट क्षेत्र में एक बार फिर बॉक्साइट खनन को लेकर विरोध शुरु हो गया है। माझी जनजाति के किसानों ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) द्वारा मां कुदरगढ़ी एल्युमिना कंपनी के माध्यम से अवैध रूप से बॉक्साइट की माइनिंग (Bauxite mines protest) कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 52 किसानों की लगभग 300 एकड़ कृषि भूमि पर बिना किसी मुआवजा दिए खनन कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। खनन के विरोध में किसान शुक्रवार को खदान स्थल पर पहुंच गए और काम बंद करा दिया।
जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग ने बताया कि मैनपाट के बरिमा ग्राम पंचायत क्षेत्र में सीएमडीसी को वर्ष 2023 तक बॉक्साइट खनन की लीज दी गई थी, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद मां कुदरगढ़ी कंपनी द्वारा खेतों में भारी मशीनें लगाकर खुदाई (Bauxite mines protest) कराई जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन की मिट्टी को इधर-उधर फेंका जा रहा है, जिससे खेती पूरी तरह बर्बाद हो रही है, जबकि अब तक किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है।
खनन के विरोध में माझी जनजाति के किसानों ने शुक्रवार को खदान स्थल (Bauxite mines protest) पर पहुंच गए और काम बंद करा दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मशीनें नहीं हटाई गईं और खनन कार्य जारी रहा तो कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसकी जिम्मेदारी माइनिंग कंपनी और सीएमडीसी की होगी।
ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए खदान स्थल से मशीनों को हटाना पड़ा। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का पूरा मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक खनन कार्य दोबारा शुरु नहीं होने दिया जाएगा।
Updated on:
31 Jan 2026, 8:02 PM IST
Published on:
31 Jan 2026, 8:02 PM IST
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