कोविड सर्वे में सामने आया सच, देश में 50% को टीके पर भरोसा नहीं, फिर भी ज्यादातर इंतजार में

Highlights.

- 50 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन पर भरोसा नहीं है, वे परिणाम को लेकर आशंकित

- 78 फीसदी लोग वैक्सीन लेने के लिए तैयार, उन्हें भरोसा है कि वैक्सीन आने के बाद कोरोना खात्म होगा

- आम लोगों में कोरोना वैक्सीन को लेकर भरोसा अभी कमजोर है तो दूसरी ओर डॉक्टर वैक्सीन को लेकर भरोसेमंद हैं

 

नई दिल्ली।

देश में 50 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन पर भरोसा नहीं है, वे परिणाम को लेकर आशंकित हैं। दूसरी ओर 78 फीसदी लोग पहली वैक्सीन लेने के लिए भी तैयार हैं। उन्हें भरोसा है कि वैक्सीन आने के बाद कोरोना का खात्मा हो जाएगा।
महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आम लोगों में कोरोना वैक्सीन को लेकर भरोसा अभी कमजोर है तो वहीं दूसरी ओर डॉक्टर वैक्सीन को लेकर भरोसेमंद हैं।

मानसिक समस्याएं आ रहीं सामने
कोरोना से जूझ चुके ज्यादातर लोगों में मानसिक समस्याएं दिखाई दे रही है। उन्हें एंजाइटी हो रही है, उनके अंदर डर घर कर गया है। वह सामान्य जिंदगी में वापस नहीं लौट पा रहे हैं। किसी ने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया है, कोई पूरे समय सिर्फ हाथ धुल रहा है। जरूरी है कि हमें कोविड इलाज के प्रोटोकॉल को बदलना होगा। केवल फेंफड़ों को देखने की जगह हमें एक पूरे पैकेज के तौर पर मरीज को देखना होगा, उसमें दूसरी परेशानियों के साथ मानसिक समस्याएं भी शामिल हैं। मरीजों के साथ आम लोगों को भी बताएं कि इस बीमारी से किस तरह की मानसिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिससे लोग ज्यादा मजबूत हो सकें।
-डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक, भोपाल

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Ashutosh Pathak
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