वह कहती हैं कि मेरे परिवार में लड़कियों को उच्च शिक्षा पाने के लिए नहीं भेजा जाता था। चेल्लताई का सपना अधूरा रह गया और गृहनगर से कुछ किलोमीटर दूर, कदंबूर में उनकी शादी हो गई। उनके पति ने डिग्री हासिल करने के लिए अनुमति नहीं दी। कई साल के बाद, उनके पति ने गोपालपुरम में तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति निगम में पिता की मृत्यु के बाद चेल्लताई को क्लर्क के रूप में काम करने की अनुमति मिल गई। लेकिन उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने का मौका नहीं मिला।