
Arvind Kejriwal
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन CYSS इस साल दिल्ली विश्विद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU चुनाव) नहीं लड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक कमजोर तैयारी की वजह से पार्टी नेताओं ने चुनाव में उतरने से मना किया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस फैसले के पीछे हार का डर है। लेकिन कई लोगों का मानना है की पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर छात्रसंघ चुनाव ना लडऩा एक सोचीसमझी रणनीति है। हालांकि चुनाव ना लडऩे का आधिकारिक एलान अभी नहीं हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी CYSS की ताकत का इस्तेमाल आने वाले पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव और दिल्ली नगर निगम के चुनाव में करना चाहती है। कहीं ना कहीं पार्टी नेताओं को लगता है कि यदि DUSU में हार हुई तो पंजाब गोवा या दिल्ली में ठीक मैसेज नहीं जाएगा।
पिछले साल सभी पदों पर पराजित
पिछले साल केजरीवाल की तस्वीर के साथ पूरी ताकत झोकने के बाद भी CYSS तीसरे स्थान पर आई थी. ष्ठ में बीजेपी के छात्र संगठन ABVP और कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के बीच मुकाबला रहता है. हालाँकि CYSS के छात्र नेताओं का कहना है कि चुनाव ना लडऩे के बावजूद वो मनी-मसल पॉवर के खिलाफ प्रचार करेंगे।
चुनाव में करेगी प्रचार
लेकिन, जिस मनी पॉवर का विरोध करने की बात कही जा रही है। पिछले साल CYSS पर खुद ऐसे आरोप लगे थे। सवाल है कि क्या नए कॉलेज और wifi का वादा पूरा करने में हो रही देरी से अरविन्द केजरीवाल को लगता है कि DU के युवा उनके छात्र संगठन का समर्थन नहीं करेंगे?
Published on:
07 Jul 2016 02:29 pm
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