केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में मॉडर्ना की कोविड वैक्सीन की पहली खेप भारत पहुंच सकती है।
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से पहले अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण को लेकर केंद्र सरकार ने 21 जून को महाटीकाकरण अभियान शुरू किया है। हालांकि, कई राज्यों में वैक्सीन की कमी की वजह से सैंकडो़ं टीकाकरण सेंटर के बंद होने की खबरें मीडिया में लगातार आ रही है। ऐसे में अब तय समय में सभी लोगों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य दूर नजर आ रहा है।
इस बीच एक अच्छी खबर सामने आ रही है। देश को एक और कोरोना वैक्सीन मिलने जा रहा है। ऐसे में कोरोना टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस-रोधी टीका मॉडर्ना की पहली खेप अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच सकती है।
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले कुछ दिनों में मॉडर्ना की कोविड वैक्सीन की पहली खेप भारत पहुंच सकती है। मालूम हो कि भारत को मॉडर्ना की यह वैक्सीन 'कोवैक्स' के तहत मिलेगी। 'कोवैक्स' विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा शुरू की गई वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। 'कोवैक्स' के जरिए आय के स्तर को नजरअंदाज कर सभी देशों को त्वरित और समान रूप से कोविड-19 का टीका देने का प्रयाय किया जा रहा है।
DCGI ने सिपला को वैक्सीन आयात करने की दी है मंजूरी
आपको बता दें कि बीते महीने 28 जून को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने मुंबई की औषधि कंपनी सिपला को मॉडर्ना की वैक्सीन को आयात करने की मंजूरी दी थी। मॉडर्ना की वैक्सीन की पहली खेप भारत पहुंचने पर यह कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक के बाद भारत में उपलब्ध होने वाला कोविड-19 का चौथा टीका होगा।
सूत्रों ने बताया है 'भारत सरकार को उम्मीद है कि देश में मॉडर्ना वैक्सीन की पहली खेप अगले कुछ दिनों में पहुंच जाएगी।' हालांकि, पहली खेप में वैक्सीन के कितने डोज आएंगे, इस बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल सकी है। क्लीनिकल ट्रायल का डेटा के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षणों वाले मामलों के खिलाफ मॉडर्ना की वैक्सीन 90 फीसदी से ज्यादा कारगर है।